भीमा कोरेगांव : लंदन में इंडियन हाई कमिशन के आगे प्रदर्शन

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी को महारों की पेशवा के खिलाफ जीत की 200वीं वर्षगांठ मनाने पहुंचे बहुजन समाज के लोगों पर हुए हमले को लेकर देश में उबाल है तो विदेशी धरती पर भी गुस्से की लहर देखने को मिल रही है। इसी मामले को लेकर शनिवार को लंदन में इंडियन हाई कमिशन के आगे हजारों की गिनती में इकट्ठे हुए बसपा समर्थकों, डॉ. अंबेडकर मेमोरियल कमेटी ग्रेट ब्रिटेन और बहुजन समाज से संबंधित अन्य संस्थाओं ने जमकर प्रदर्शन किया।

बारिश के बावजूद प्रदर्शन करने वाले ये लोग इंडियन हाई कमिशन के आगे डटे रहे। हाथों में भीमा कोरेगांव हिंसा और बहुजन समाज के लोगों पर भारत में होने वाले अत्याचारों से संबंधित तख्तियां लिए इन लोगों ने मांग की कि भीमा कोरेगांव हिंसा के आरोपियों को गिरफ्तार कर सजा दी जाए।

उन्होंने मोदी सरकार मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पंजाब के टोहड़ा गांव में अनुसूचित जाति से संबंधित छात्रा वीरपाल कौर को इंसाफ देने को लेकर भी आवाज बुलंद की।

मौके पर मौजूद खुशविंदर कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर जब लंदन में इंडियन हाई कमिशन के आगे पहुंचे तो कमिशन की ओर से कोई भी उनसे मेमोरेंडम लेने नहीं आया। ऐसे में बहुजन समाज के लोगों ने कमिशन के फ्रंट गेट पर ही मेमोरेंडम चिपका दिया।

प्रदर्शनकारियों ने मेमोरेंडम ना लेने पर कमिशन के खिलाफ भी गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने वी वांट जस्टिस और इंडियन हाई कमिशन बाहर आओ के नारे लगाए।

उल्लेखनीय है कि भारत में बहुजन समाज के लोगों पर होने वाले अत्याचारों को लेकर पिछले कुछ समय में विदेशी धरती पर कई प्रदर्शन हो चुके हैं। इसे बहुजन समाज में आ रही चेतना के रूप में देखा जा रहा है।

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आप नेता कुमार विश्वास ने 'बाबा साहब अंबेडकर' पर की आपत्तिजनक टिप्पणी!

आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य और राजस्थान पर्यवेक्षक कुमार विश्वास ने भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। आम आदमी पार्टी के एक कार्यक्रम में पार्टी वर्करों को संबोधित करते हुए कुमार विश्वास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। 

इसमें कुमार विश्वास कह रहे हैं-एक आदमी आकर जातिवाद की रीढ़ डाल गया था हमारे देश में रिजर्वेशन आंदोलन के नाम पर। उससे पहले झगड़ा नहीं था। वो आदमी, वो आंदोलन पूरा हमारा जातीय ढांचा तोडक़र चला गया। कुमार विश्वास ने हालांकि बाबा साहब अंबेडकर का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को बाबा साहब अंबेडकर से जोडक़र देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह 1 मिनट 7 सेकेंड का है। असल में 2 अक्टूबर 2017 को गांधी जयंती के दिन आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली के आईटीओ स्थित कार्यालय में एक कार्यक्रम रखा गया था। इसमें कुमार विश्वास राजस्थान के पर्यवेक्षकों और राजस्थान में काम कर रहे अन्य राज्यों के आप कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इसी समारोह के दौरान कुमार विश्वास मोहन दास कर्मचंद गांधी की सराहना करते-करते बाबा साहब अंबेडकर पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी कर गए।

कुमार विश्वास के भाषण की कुल 56 मिनट 46 सेकेंड की वीडियो आम आदमी पार्टी राजस्थान नाम के फेसबुक पेज पर 3 अक्टूबर 2017 को अपलोड की गई है। इसी वीडियो में 50 मिनट 30 सेकेंड के बाद कुमार विश्वास कथित तौर पर बाबा साहब अंबेडकर के बारे में टिप्पणी करते दिखाई देते हैं। इसी समय के दौरान का 1 मिनट 7 सेकेंड का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

फेसबुक-व्हाट्सएप पर वीडियो के वायरल होते ही अंबेडकरवादियों में गुस्सा देखनेे को मिल रहा है। लोग कुमार विश्वास और आम आदमी पार्टी पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं।

विजय बहादुर फेसबुक पर कुमार विश्वास पर लिखते हैं-आप ब्राह्मण कुल में पैदा हुए। इसलिए आप की ऐसी सोच है। किसी दलित के यहां पैदा होते तो पता चलता कि दलित वेदना क्या होती है। मेरी नजर में अब तक आप एक बुद्धिजीवी और स्पष्ट वक्ता हैं, पर अब पता चल गया कि आप केवल पाखंडी ब्राह्मण तक ही सीमित हैं। कृपया अब से समाज की बात मत कीजिएगा। आपने अपना असली चेहरा दिखा दिया। बेहद शर्मनाक।

कुलवीर सिंह लिखते हैं-इसकी (कुमार विश्वास) की असलियत और अपने लोगों के भोलेपन पर गुस्सा आता है।
चनजीत सिंह कहते हैं-आप (कुमार विश्वास) भारत में जातिवादी व्यवस्था को क्यों नहीं तोड़ते। आप मनु की औलाद हैं, जो कि बाबा साहब अंबेडकर के बारे में बुरा बोल रहे हैं। आपकी पूरी तरह मनुवादी सोच है। आपको अपने आप पर शर्म आनी चाहिए।

सुनील कुमार बंगड़ लिखते हैं-शेम ऑन आम आदमी पार्टी।

सुमित कमेंट करते हैं-भाजपा, कांग्रेस और आप सब मनुवादियों, दलित विरोधियों की पार्टी है।

रविकांत कटारिया कहते हैं-ये (कुमार विश्वास) इस बात से खफा है कि झाड़ू लगाने वाले आज इनके लेवल में आ गए हैं तो इससे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। बाबा साहब ने इनके ढोंगी जातिवादी ड्रामे को खत्म कर दिया, जो इससे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

मनीश शाक्य फेसबुक पर कुमार विश्वास से सवाल पूछते हैं-बाबा साहब ने जातिवाद पैदा किया, उससे पहले तो भारत बहुत सेकुलर देश था ना? पहले अपना इतिहास उठाकर देखो कि जातियां किसने बनाईं और इस देश को जाति के नाम पर किसने बांटा।

एडवोकेट दीपक कुमार कहते हैं-आम आदमी पार्टी का बहिष्कार करें। ये मनुवादी विचारधारा पर आधारित, आरक्षण विरोधी पार्टी है।

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बसपा के हिस्से के वोट भाजपा के खाते में चले गए

इसी साल की शुरुआत में यूपी समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में भाजपा के पक्ष में हेराफेरी किए जाने का मुद्दा जमकर उछला था। इसके बाद भी कई जगह हुए चुनावों के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की घटनाएं सामने आती रही हैं। अब नए मामले यूपी के निकाय चुनाव में सामने आए हैं।

22 नवंबर को यूपी के कई जिलों में ईवीएम गड़बड़ी की शिकायतें आईं। मतदान केंद्र पर वोट डालने आए कई लोगों ने आरोप लगाया कि वे मतदान के समय बटन हाथी (बसपा) वाला दबा रहे थे, लेकिन ईवीएम में बत्ती भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के सामने वाली जल रही थी।

कानपुर में इसे लेकर जमकर हंगामा भी हुआ। यहां के नगर निगम के वार्ड 58 में भाजपा को छोडक़र अन्य सभी प्रत्याशियों ने जमकर प्रदर्शन किया। हालात इस कद्र बेकाबू हो गए कि मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी।

मौके पर बसपा समेत अन्य उम्मीदवारों के समर्थकों ने कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ईवीएम में धांधली करके भाजपा पर चुनाव जीतने का आरोप लगाया।

मेरठ में भी मतदाताओं और प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि बटन कोई भी दबाओ, पर सारे वोट भाजपा के खाते में जा रहे हैं। यहां कई वार्डों में मतदाताओं ने ईवीएम छेड़छाड़ के आरोप लगाए। यहां के वार्ड 89 में गड़बड़ी को लेकर मतदाताओं ने जमकर हंगामा किया।

इस संबंधी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तसलीफ आरिफ नाम के एक व्यक्ति ने अपना वोट बहुजन समाज पार्टी को दिया तो उनके सामने की बत्ती नहीं जली, बल्कि वोट भाजपा के खाते में जुड़ गया। इस बात पर स्थानीय नेताओं और प्रशासन से शिकायत की गई तो काफी हंगामा किया गया।

 

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दलित को पीटते रहे दबंग, लोग तमाशा देखते रहे

दबंगों द्वारा एक दलित को डंडों से बेरहमी से पीटे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग बीच सडक़ एक दलित की पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि वहां खड़े लोग तमाशा देखने में लगे हुए हैं।

पलपल इंडिया की एक खबर के मुताबिक, यह मामला मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र का है। वीडियो में जिस शख्स की पिटाई की जा रही है, उसका नाम कल्याण जाटव बताया जाता है। वह कल्याण खेरी गांव का रहने वाला है, जबकि उसे पीटने वाले लोग भी उसी के गांव के दबंग बताए जाते हैं। इन लोगों ने कल्याण जाटव से कुछ दिन पहले भी मारपीट की थी।

कल्याण ने जब इसकी शिकायत पुलिस से की तो दबंग और भडक़ गए, जिन्होंने कल्याण को गांव जाते समय अटेर रोड पर घेरकर बुरी तरह से पीटा।

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गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में कथक आर्टिस्ट अवनी सेठी ने बेखौफ होकर दिया संदेश

मुसलमानों के खिलाफ दंगों, दलितों के खिलाफ अत्याचार के बाद इन दिनों गुजरात लव जेहाद को लेकर चर्चा में है। इस प्रदेश की राजधानी अहमदाबाद में कई जगह सडक़ों के किनारे दीवारों पर लव जेहाद से संबंधित बातें लिखी हुई हैं। दीवारों पर लिखा गया है-हिंदू लड़कियां लव जेहाद से सावधान रहें। अंत में लिखा गया है-बजरंग दल।

अहमदाबाद में ही रहने वाली हिंदू लडक़ी कथक आर्टिस्ट अवनी सेठी को प्यार के मामले में बैठाई जा रही ऐसी बंदिशें बर्दाश्त नहीं हुईं। ऐसे में उसने एक अनोखे ढंग से इसका करारा जवाब दिया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, अवनी सेठी ने एचके आट्र्स कॉलेज के बाहर मुगल-ए-आजम फिल्म के गीत -जब प्यार किया तो डरना क्या- पर डांस किया। यह परफार्मेंस उसने उस दीवार के सामने दी, जिस पर लिखा था-हिंदू लड़कियां लव जेहाद से सावधान रहें-बजरंग दल-। इसी गीत पर अवनी सेठी ने शहर की उन चार और सडक़ों के किनारे डांस किया, जहां दीवारों पर लव जेहाद के बारे में चेताते हुए शब्दावली लिखी गई थी।

अवनी ने प्यार के नाम पर की जा रही रोक-टोक को खौफ पर आधारित राजनीति बताया। अवनी ने कहा कि पांच स्थानों पर परफार्मेंस देने के लिए उसने -प्यार किया तो डरना क्या-गीत को इसीलिए चुना, क्योंकि इसके जरिये उस मुद्दे को अच्छी तरह से लोगों के बीच रखा जा सकता है, जिसे वह उठाना चाहती थी।

उसने कहा कि अगर किसी को किसी से प्यार है तो उसे अभिव्यक्ति की खुली आजादी होनी चाहिए। अगर हम प्यार में हैं तो हम डरें क्यों? अगर मुझे प्यार होगा तो मैं इसका बेखौफ होकर इजहार करूंगी।

अवनी की ओर से दी गई प्रस्तुति की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे कई लोगों द्वारा खुलकर सराहा जा रहा है।

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लुधियाना में चर्च के पास गोलियां मारकर की गई थी पास्टर की हत्या

पंजाब के लुधियाना में पास्टर सुल्तान मसीह की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पास्टर की हत्या के पीछे उन्हें भाजपा, आरएसएस व हिंदू संगठनों का हाथ होने का शक है।

वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच पंजाब के महामंत्री व पूर्व महामंत्री युवा भाजपा अशोक सरीन हिक्की ने खैहरा को कानूनी नोटिस भेजकर सात दिनों में माफी मांगने के लिए कहा है। सरीन ने कहा कि इस तरह के गलत बयान देकर खैहरा जनता को गुमराह करके पुलिस की जांच को गलत दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा के पंजाब उपप्रधान हरजीत सिंह ग्रेवाल व सचिव विनीत जोशी ने भी खैहरा के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि खैहरा या तो सुबूत पेश करें या फिर माफी मांगें।

गौर हो कि लुधियाना के सलेम टाबरी क्षेत्र में 15 जुलाई की रात को मोटरसाइकिल सवार लोगों ने गोलियां मारकर पास्टर सुल्तान मसीह की हत्या कर दी थी। हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे, जिन्होंने रात 8.45 बजे सुल्तान मसीह पर गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। यह घटना क्रिश्चियन चर्च के बाहर हुई थी।

इस घटना के बाद लुधियाना में ईसाई समुदाय ने सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। पास्टर की हत्या के आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

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वाल्मीकि समाज के लोगों ने हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें घरों से उतारकर पुजारी को सौंपी

सोनी टीवी पर दिखाए जा रहे धारावाहिक 'संकट मोचन महाबली हनुमान' को लेकर वाल्मीकि समाज ने पंजाब के कपूरथला शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों ने कहा कि सोनी टीवी पर दिखाए गए धारावाहिक में भगवान वाल्मीकि जी का अपमान किया गया है।

इससे पहले भी धारावाहिकों व कई लोगों द्वारा भगवान वाल्मीकि जी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा चुकी हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर वाल्मीकि समाज आहत है। इसी के चलते समाज के लोगों ने हिंदू धर्म छोडऩे का फैसला किया है।

22 जुलाई को किए गए इस प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकि समाज की ओर से बलबीर सिंह, विक्की, सोमा गिल, सोनू नाहर समेत बड़ी गिनती में लोग मौजूद थे। वहीं हालात को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। वाल्मीकि समाज के लोगों ने मांग की कि सोनी टीवी पर दिखाए जाने वाले धारावाहिक को तुरंत बंद किया जाए और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।

इस मौके पर उन्होंने 'हम हिंदू नहीं हैं', के नारे लगाते हुए अपने घरों से उतार कर लाई गई देवी-देवताओं की तस्वीरें मौके पर मौजूद एक पुजारी के सुपुर्द कर दीं। बताया जाता है कि प्रदर्शन कर रहे दलित समाज के लोग हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें घरों से उतार कर नदी में प्रवाहित करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनसे ऐसा न करने की अपील की, जिसके बाद ये तस्वीरें वहां बुलाए गए एक पुजारी के हवाले कर दी गईं।

इस मौके पर वाल्मीकि समाज ने चेतावनी दी कि अगर धारावाहिक को लेकर कार्रवाई न की गई तो बड़े स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। इससे पहले भी कलाकार राखी सावंत की विवादित टिप्पणी को लेकर काफी बवाल हो चुका है।

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