वर्दी पर भारी पड़ गया राजनीतिक दबाव!

बुलंदशहर। भाजपा नेताओं को कानून का पाठ पढ़ाने वाली बुलंदशहर जिले के सियाना सर्किल की महिला पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर का तबादला कर दिया गया है। लेडी सिंघम श्रेष्ठा ठाकुर के तबादले को राजनीतिक दबाव से जोडक़र देखा जा रहा है। पिछले दिनों महिला पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर चेकिंग के दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रवेश देवी के पति व भाजपा नेता प्रमोद लोधी की बाइक का चालान करने लगीं तो मामला भडक़ गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा से बहस हो गई थी। तब महिला अधिकारी ने भाजपा नेताओं को खरी-खरी सुनाई थी। इस घटना से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। तब श्रेष्ठा ठाकुर ने भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं से कहा था-सरकार से कहलवा दो कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रात में चेकिंग ना लगवाए। इस दौरान भाजपा नेताओं ने महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। बताया जाता है कि भाजपा के 11 विधायकों और सांसद प्रतिनिधिमंडल की एक बैठक के बाद एक हफ्ते बाद महिला पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया गया है। स्थानीय नेताओं ने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोडक़र ठाकुर के खिलाफ उच्च आदेश का दबाव बनाया। श्रेष्ठा ठाकुर को अब बहराइच स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं तबादले के बाद फेसबुक पर श्रेष्ठा ने लिखा है कि उनका बहराइच तबादला कर दिया गया है, यह नेपाल बॉर्डर पर है। मेरे दोस्तो चिंता ना करें मैं खुश हूं। मैं इसे अपने अच्छे काम के पुरस्कार के तौर पर स्वीकार करती हूं। आप सभी बहराइच में आमंत्रित हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह पंक्तियां भी लिखी हैं : जहां भी जाए गा, रौशनी लुटाए गा। किसी चराग का अपना मकां नहीं होता।।

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