Latest News

मराठवाड़ा में 8 महीने में 580 किसानों ने की खुदकुशी

किसानों की बदहाली व उनकी खुदकुशी को लेकर महाराष्ट्र में हालात खराब होते चले जा रहे हैं। इस संबंध में जारी सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 8 महीनों में मराठवाड़ा में 580 किसानों ने खुदकुशी कर ली। ये मौतें जनवरी 2017 से 15 अगस्त 2017 के बीच हुईं। हालांकि इन खुदकुशियों का कारण अभी स्पष्ट नहीं किया जा सका है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, औरंगाबाद के विभागीय आयुक्त के आंकड़ों में बताया गया है कि मराठवाड़ा में रोजाना औसत चार किसान खुदकुशी कर रहे हैं। पिछले 8 दिनों में 34 किसानों ने खुदकुशी की है। औरंगाबाद जिले में 5, बीड में 12, नांदेड में 9, परभणी में 7, जालना में 6, लातूर में 5, उस्मानामबाद में 4 और हिंगोली जिले में एक किसान ने आत्महत्या की है।

मराठवाड़ा में साल 2014 में 551 किसानों ने आत्महत्याएं की थीं। वहीं, 2015 में 1133 तो 2016 में 1053 आत्महत्या की घटनाएं सामने आईं। मराठावाड़ा में छोटे, मंझोले और बड़े मिलाकर कुल 34 लाख 82 हजार 643 किसान हैं। इनमें से छोटे किसानों की संख्या 14 लाख 3 तीन हजार 341 है। उनके पास 2 एकड़ या उससे कम कृषि भूमि है। इसके अलावा 2 से 5 एकड़ कृषि भूमि वाले मंझोले किसानों की संख्या 13 लाख 32 हजार 559 है।

बताया जाता है कि मराठवाड़ा में इस साल पिछले 48 दिन से बारिश नहीं हुई है, जिस कारण सूखे के हालत बने हुए हैं। किसानों के पास सिंचाई की अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। किसानों को कर्ज माफी का लाभ नहीं मिला है। फसल की बुआई को लेकर लिया गया कर्ज न चुका पाने का डर किसानों को सता रहा है।

Comments

Leave a Reply