Social

छुआछूत की बीमारी ने बंद करवा दिया आंगनबाड़ी केंद्र


Updated On: 2018-02-21 06:24:54 छुआछूत की बीमारी ने बंद करवा दिया आंगनबाड़ी केंद्र

जातिवाद की पीड़ा क्या होती है, इसे दुर्गा देवी की कहानी से समझा जा सकता है। आदिवासी समाज की इस महिला की नौकरी छूट गई, अपमान सहना पड़ा, सिर्फ इसलिए कि जातिवादी समाज उसकी छोटी जाति से घृणा करता है।

राजस्थान में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से होने वाली भेदभाव की घटनाएं किसी से छिपी नहीं हैं। यहां के भीलवाड़ा क्षेत्र की आदिवासी महिला दुर्गा देवी के साथ भी ऐसा ही हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग की सहाड़ा परियोजना क्षेत्र के कांगणी पंचायत में दुर्गा देवी द्वारा चलाए जा रहे मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में बलाई बस्ती के ग्रामीणों ने अपने बच्चों को पोषाहार लेनेे से इनकार कर दिया। इसके पीछे महिला के छोटी जाति का होना बताया जा रहा है।

इस संबंध में दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां 19 महीने से केंद्र पर बच्चे नहीं आ रहे हैं। महिला कार्यकर्ता दुर्गा ने छुआछूत के भेदभाव को दूर करने के लिए अपने मानदेय से राशि निकाल एक सहायिका रखी, फिर भी क्षेत्र के लोगों ने अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर नहीं भेजा। ऐसे में इस केंद्र पर ताला लग गया।

दुर्गा को ना सिर्फ एक साल तक बेरोजगारी की मार सहनी पड़ी, बल्कि अपमानजनक स्थिति का भी सामना करना पड़ा। अब वह अपना पेट पालने के लिए एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम कर रही है।

गौर हो कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को बुलाने, उन्हें पढ़ाने से लेकर पोषाहार वितरण तक का जिम्मा कार्यकर्ता का रहता है। दुर्गा को भी केंद्र पर आने वाले बच्चों को पोषाहार वितरण का जिम्मा मिला हुआ था, लेकिन बस्ती के लोग भील महिला के हाथ से पोषाहार लेने के लिए तैयार नहीं हैं। शुरुआत में यहां 20 बच्चे आते थे, लेकिन धीरे-धीरे सभी आने बंद हो गए। साल 2016 के जुलाई माह से अब तक यहां कोई बच्चा नहीं पहुंचा।

छुआछूत का यह मामला उच्च अधिकारियों तक भी पहुंचा, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हुआ। दुर्गा कहती हैं कि वह अब भी बस्ती निवासियों से बच्चों को केंद्र पर भेजने का आग्रह करती है, लेकिन वे उसकी बात नहीं सुनते।

सीडीपीओ सहाड़ा पुष्पा कांटिया भी मानती हैं कि गांव के लोग छूआछूत कर रहे हैं। वह कहती हैं कि लोगों को कई बार समझाया कि अब ऐसी संकीर्ण सोच नहीं रखें।

Comments

Leave a Reply


Advertisement