Rajasthan

डांगावास में अब भी खौफजदा हैं दलित, अत्याचार के खिलाफ करेंगे आंदोलन


Updated On: 2015-10-24 20:27:09 डांगावास में अब भी खौफजदा हैं दलित, अत्याचार के खिलाफ करेंगे आंदोलन

अजमेर (राजस्थान)। डांगावास प्रकरण को कई महीने बीत जाने के बावजूद यहां के दलित अभी भी दहशत में हैं। उनका आरोप है कि राजस्थान सरकार व प्रशासन डांगावास मामले में लेटलतीफी कर समझौते को भुलाना चाहते हैं। यही वजह है कि चार महीने बीत जाने के बावजूद सीबीआई जांच के नतीजे अभी तक नहीं आए हैं।

डांगावास दलित हत्याकांड संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक धर्मपाल कटारिया ने डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आगामी 6 दिसंबर को प्रदेशभर का दलित समाज अजमेर के पटेल स्टेडियम में जुटेगा। यहां से डांगावास के दलित परिवार पर हुए अत्याचार के आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।

राजस्थान पत्रिका के मुताबिक कटारिया ने कहा कि प्रकरण में पांच दलितों की मौत हुई थी। इस संबंध में संघर्ष समिति और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गत 30 मई को समझौता हुआ था, लेकिन साढ़े 4 माह बीत जाने के बाद भी मृतकों के परिवार को महज सवा 5 लाख रुपये मुआवजे के और कुछ नहीं मिला।

कटारिया ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों से हुए समझौते के मुताबिक मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये आर्थिक सहायता, प्रत्येक पीडि़त परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पीडि़त परिवार की कुर्क जमीन की तारबंदी, क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत करवा पीडि़त परिवार को पुनस्र्थापित करना था।

पीडि़त परिवार के ट्रैक्टर, दोपहिया वाहन व लूटे गए गहने वापस दिलाने, बगैर परिजन की सहमति गणपतराम का पोस्टमार्टम करवाने वाले थानेदार को निलम्बित करने और प्रकरण में दोषी तत्कालीन मेड़ता सिटी थानाधिकारी, पुलिस उपअधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई थी।

पीडि़त अर्जुन राम ने मीडिया को बताया कि डांगावास में कहने को पुलिस कैंप है, लेकिन हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं। आए दिन समाज विशेष के लोग किसी न किसी बात को लेकर छींटाकशी कर माहौल को तनावपूर्ण बनाए हुए हैं। इससे डांगावास के दलित परिवारों में दहशत व्याप्त है।

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