Rajasthan

बाबा साहब की प्रतिमा न लगाने से लेक्चरर नाराज, सरकार से मांगी बौद्ध धर्म अपनाने की अनुमति


Updated On: 2016-01-02 13:37:22 बाबा साहब की प्रतिमा न लगाने से लेक्चरर नाराज, सरकार से मांगी बौद्ध धर्म अपनाने की अनुमति

इंदौर। राजस्थान में दलित आईएएस अधिकारी उमराव की ओर से नौकरी व हिंदू धर्म छोडऩे की घोषणा के बाद खलबली मची हुई है। वहीं इसी बीच एक लेक्चरर ने भी बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने में प्रशासन का सहयोग न मिलने से खफा होकर बौद्ध धर्म अपनाने की चेतावनी दे दी है।

एक खबर के मुताबिक प्रदेश के भीलवाड़ा जिले में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मंजूरी मिलने के बावजूद सर्किल पर लगाने में प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने से एक लेक्चरर खफा है। अंबेडकर विचार मंच के संयोजक, अखिल भारतीय रैगर महासभा के जिलाध्यक्ष एवं व्याख्याता ने शुक्रवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

इसमें बौद्ध धर्म ग्रहण करने की सरकार से अनुमति मांगी है। रैगर ने ज्ञापन में बताया कि 24 साल से वह बस स्टैंड पर बने सर्किल पर बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा लगाने के लिए प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं। 13 मार्च 2008 को संभागीय आयुक्त ने प्रतिमा लगाने की स्वीकृति भी दे दी, लेकिन प्रतिमा अब तक नहीं लगी।

जहाजपुर नगर पालिका मंडल की बैठक में 27 दिसंबर 1991 के प्रस्ताव 3 में कस्बे के बस स्टैंड पर अंबेडकर सर्किल बनाने का प्रस्ताव लिया गया था। इसकी अनुपालना में पालिका की अनुमति से अंबेडकर विचार मंच संस्थान ने देवली-भीलवाड़ा तिराहे पर बुर्ज बाबा के पास सर्किल बनवाया। यातायात में बाधा मानते हुए प्रशासन ने यहां प्रतिमा लगाने की स्वीकृति नहीं दी। इस पर मंच ने बस स्टैंड पर ही अन्य जगह सर्किल बनाने, मूर्ति लगाने के लिए नगर पालिका से सहमति मांगी।

पालिका बोर्ड ने नया स्थान स्वीकृत कर दिया। स्वायत शासन विभाग राजस्थान में 4 मई 2007 को उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें जहाजपुर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाने के लिए नया वैकल्पिक स्थान जहाजपुर बस स्टैंड के पास प्याऊ के पास लगाने की स्वीकृति के लिए संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में 1 मार्च 2008 को बैठक हुई। 13 मार्च को मूर्ति लगाने की स्वीकृति जारी की गई। हालांकि प्रतिमा लग नहीं पाई, जिसे लेकर लेक्चरर नाराज हैं।

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