Punjab

सीएम बादल की रैली में दलितों का प्रदर्शन, कहा-गरीबों का फंड खा गए अकाली नेता


Updated On: 2016-08-31 19:25:16 सीएम बादल की रैली में दलितों का प्रदर्शन, कहा-गरीबों का फंड खा गए अकाली नेता

लंबी। पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। विपक्षी पार्टियां नाकामियों को लेकर अकाली-भाजपा सरकार को घेरने में लगी हुई हैं तो सरकार कार्यक्रम करके अपनी छवि को जनहितैषी बताने की पुरजोर कोशिशों में जुटी हुई है।

हालांकि सरकार विरोधी लहर चलने के चलते अकाली-भाजपा को मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर दलित वर्ग के लोग सरकार को घेरने में लगे हुए हैं।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के अपने विधानसभा हलके लंबी के तहत आते गांव अरनीवाला वजीरा में दलित महिलाओं ने संगत दर्शन के दौरान उनकी सुनवाई न होने का आरोप लगाया था। अब इसी तरह का हंगामा मुक्तसर जिले के किलियांवाली में देखने को मिला।

मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की दलित चेतना रैली का आयोजन किया गया था। इस दौरान बादल जब दलितों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिए जाने का गुणगान कर रहे थे, तभी दलित महिलाओं ने सुनवाई न होने के आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को दलितों की कोई परवाह नहीं है।

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, किलियांवाली की अकाली सरपंच राज रानी, मलकीत कौर और आशा रानी समेत अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि लंबी हलके के दो अकाली नेता गरीबों को मिलने वाली सुविधाओं पर खर्च होने वाला फंड खुद ही खा गए हैं।

नई बनी कॉलोनी के रिहायशी मकान गड़बड़ी करके प्रवासियों को दे दिए गए, जबकि दलित धक्के खा रहे हैं। इस दौरान कुछ अकाली नेताओं और पुलिस अफसरों ने गैलरी में बैठी इन महिलाओं का समझाने की कोशिश भी की मगर महिलाओं का गुस्सा शांत होने की बजाय बढ़ता गया।

अकाली दल की झंडियां पुलिस के पैरों में फेंकी
रैली से मुख्यमंत्री के जाने के बाद महिलाएं पंडाल से बाहर आई और हाथों में पकड़ी अकाली दल की झंडियां पुलिस के पैरों में मारते हुए कहा, असीं अग्ग लोणी ऐ इनां झंडियां नूं। पैरों में लगे झंडियों के ढेर को एक अकाली नेता ने उठा लिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट लोगों के कारण आटा-दाल योजना का लाभ दलितों को सही ढंग से नहीं मिल रहा है।

सीएम से मिलने नहीं दिया, इंसाफ के लिए रोता रहा बुजुर्ग दंपती
पंडाल के बाहर जब महिलाएं हंगामा कर रही थीं तो ठीक उस समय एक दलित बुजुर्ग दंपती ने रोना शुरू कर दिया। बुजुर्ग पति-पत्नी ने बताया कि वे गांव कुटी (बठिंडा) के रहने वाले हैं। बुजुर्ग मौडा सिंह ने बताया, उसके लडक़े लखविंदर सिंह (25) का 21 जुलाई को गांव के कुछ जमींदारों ने कत्ल करवा दिया था। दर-दर धक्के खा रहे हैं, परंतु पुलिस व अधिकारी कोई बात ही नहीं सुनते। मुख्यमंत्री को दलित रैली में मिलने आए थे, परंतु हमें मिलने नहीं दिया गया। दंपती बीस मिनट रोता रहा।

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