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बसपा ने करतारपुर सीट से उतारा उच्च शिक्षा प्राप्त सबसे युवा उम्मीदवार


Updated On: 2017-01-04 21:22:24 बसपा ने करतारपुर सीट से उतारा उच्च शिक्षा प्राप्त सबसे युवा उम्मीदवार

चंडीगढ़। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की तरफ से पंजाब में घोषित किए गए उम्मीदवारों में एक उम्मीदवार बलविंदर कुमार (38) ऐसे भी हैं, जिन्होंने पार्टी पद मिलने पर पंजाब सरकार में क्लास टू अफसर की नौकरी ज्वाइन नहीं की थी। 

बलविंदर कुमार को पार्टी ने जालंधर के अंतर्गत विधानसभा हलका करतारपुर (रिजर्व) से उम्मीदवार घोषित किया है। वह पेशे से पत्रकार हैं और उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की हुई है। इसी विषय में ही उन्होंने यूजीसी नैट भी क्वालीफाई किया हुआ है। वह एमए इंगलिश व मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोम होल्डर भी हैं।

सामाजिक बदलाव के प्रति उनका रुझान उन्हें बसपा के साथ ले आया। बसपा के प्रदेश मीडिया इंचार्ज, प्रदेश महासचिव व जालंधर जोन के इंचार्ज के पदों पर जिम्मेवारी निभाने वाले बलविंदर कुमार को अब पार्टी ने चुनावी दंगल में उतारा है।

बलविंदर कुमार को पार्टी की तरफ से 5 मई 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी का मीडिया इंचार्ज व प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया। बसपा संस्थापक साहब कांशीराम की जन्मभूमि पंजाब में तब पार्टी के लिए यह काफी उथल-पुथल का दौर था, क्योंकि लोकसभा चुनाव में पंजाब में पार्टी का वोट फीसदी 1.9 रह गया था और पूरे देश में भी कोई लोकसभा की सीट न मिलने पर पंजाब वर्कर काफी निराश चल रहे थे।

हिंदी-अंग्रेजी अखबारों में पत्रकारिता के उनके 8 साल के अनुभव को देखते हुए उन्हें बसपा के प्रचार की जिम्मेवारी सौंपी गई। अभी उन्हें पार्टी ने यह पद दिया ही था कि 9 मई को उन्हें पंजाब सरकार के जनसंपर्क विभाग में सहायक पब्लिक रिलेशन आफिसर का नियुक्ति पत्र मिल गया। इसके लिए उन्होंने साल 2011 में आवेदन किया था, पर तब मेरिट गलत बनने के कारण वे और दूसरे योगय उम्मीदवार मेरिट में नहीं आ सके थे। इसके लिए खिलाफ एक आवेदक कोर्ट में चला गया और कोर्ट के निर्देशों के बाद जब दोबारा मेरिट बनी तो बलविंदर कुमार का नाम मेरिट सूची में आ गया, पर जब यह आया तो वह पार्टी के पदाधिकारी बन चुके थे। अब उनके सामने यह दुविधा की स्थिति थी कि वह सरकारी नौकरी ज्वाइन करें या पार्टी को उबारने के लिए काम करें। परिवार व रिश्तेदारों का दबाव था कि नौकरी ज्वाइन कर ली जाए। उन्हें परिवार व बच्चे की बढिय़ा परवरिश का हवाला दिया गया।

बलविंदर कुमार के सामने सवाल था कि पार्टी का पद छोडक़र नौकरी ज्वाइन करें या फिर नौकरी छोडक़र पार्टी पद बरकरार रखें। आखिरकार उन्होंने नौकरी नहीं लेने का फैसला किया। इस फैसले के संबंध में बलविंदर कुमार बताते हैं कि यह काफी मुश्किल फैसला था और मेरे काफी रिश्तेदार नाराज थे, पर इस फैसले के पीछे एक मुख्य वजह थी। वह यह कि मेरे परिवार में से पहले ही मेरे पिता व दादा ने आरक्षण के जरिए नौकरी हासिल की थी और इसलिए उन्होंने सोचा कि हमने समाज से बहुत कुछ लिया है, अब खुद को समाज को समर्पित करने का समय है। यही कारण रहा कि उन्होंने सरकारी अफसर की नौकरी के तौर पर मिले बड़े ऑफर को ठुकरा दिया।

उन्होंने पार्टी की मजबूती के लिए जुटने का फैसला लिया। इस कारण पार्टी लीडरशिप में भी उनके प्रति विश्वास पैदा हुआ और उन्हें कम समय में ही बड़ी जिम्मेवारी देकर मीडिया इंचार्ज के बाद प्रदेश महासचिव व जालंधर जोन का इंचार्ज भी बना दिया गया। अब टिकट भी दे दी गई है। बलविंदर कुमार पार्टी के युवा चेहरे हैं।

पार्टी से जुडऩे के बारे में वह बताते हैं कि यूनिवर्सिटी में स्टडी के दौरान उन्हें बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा समझ आई और इस दौरान ही बसपा के बारे में भी स्पष्टता आई। उन्होंने 2006 में पत्रकारिता में करियर शुरू किया तो उनके मन यह बात थी कि वह शोषित समाज, आम लोगों के लिए मीडिया पर काम करें और साथ में बसपा की भी स्पोर्ट करें।

उन्होंने सीधा राजनीति में आने का नहीं सोचा, उनका मकसद था कि मीडिया स्थापित करें। इसके साथ ही रिसर्च का काम करें और इस फील्ड में ही टीचिंग का काम करें। इसीलिए उन्होंने नैट क्वालीफाई किया था। हालांकि इसी बीच 2012 में उनसे बसपा के साथ जुड़े कुछ साथियों ने संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने अपने अखबार से इस्तीफा दे दिया और अल्टरनेेटिव मीडिया पर काम करना शुरू कर दिया और बसपा के साथ जुड़ गए। उनके इस काम के कारण ही उन्हें फिर 2014 में मीडिया इंचार्ज की जिम्मेवारी दी गई।

करतारपुर विधानसभा सीट से जीत के मजबूत दावेदार माने जा रहे बलविंदर कुमार कहते हैं कि लोगों से उन्हें पूरा मान-सम्मान मिल रहा है। करतारपुर में मिल रहे जनसमर्थन से साफ है कि करतारपुरवासी इस बार पढ़े-लिखे, युवा चेहरे के तौर पर उन्हें विजयी बनाकर पंजाब विधानसभा में भेजने का मन बना चुके हैं।

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