Punjab

कांग्रेसी सांसद ने कहा-दलितों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं कांग्रेस सरकार


Updated On: 2018-02-24 11:55:37 कांग्रेसी सांसद ने कहा-दलितों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं कांग्रेस सरकार

अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से संबंधित कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह दूलों ने दलितों के मुद्दे पर एक बार फिर अपनी ही पार्टी की सरकार को घेर लिया है। अनुसूचित जातियों से संबंधित मुद्दों को लेकर शुक्रवार को पंजाब भवन में बुलाई गई बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ना पहुंचने पर दूलों भडक़ गए।

गृह मंत्री, वेलफेयर मंत्री, अलग-अलग पार्टियों के विधायकों, राज्यसभा व लोकसभा सदस्यों वाली 25 सदस्यीय हाई पावर विजिलेंस एवं मॉनीटरिंग कमेटी की इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करनी थी, लेकिन वह खुद ही इस बैठक में नहीं पहुंचे। उन्होंने अपनी जगह कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को भेज दिया।

इस पर शमशेर सिंह दूलों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाकर बैठक का बहिष्कार कर दिया। दूलों ने कहा कि जब बैठक कैप्टन की तरफ से बुलाई थी, तो वह क्यों नहीं आए। हालांकि बाद में बताया गया कि कैप्टन सेहत खराब होने के चलते बैठक में नहीं आए थे।

बैठक में 31 मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाना था। इनमें शगुन स्कीम, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों का वजीफा, अंतरजातीय विवाह पर मिलने वाली सहायता राशि, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, किताबें, गरीबी रेखा के नीचे रहते गरीबों, दलितों की भलाई के लिए किए कार्य, अंबेडकर भवनों का निर्माण व रिपेयर या रखरखाव और धर्मशालाओं के लिए फंड आदि प्रमुख मुद्दे थे।

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, बैठक का बहिष्कार करने के बाद कांग्रेसी सांसद शमशेर सिंह दूलों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार दलितों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। दलितों से संबंधित विभिन्न मामलों का निपटारा मुख्यमंत्री ही कर सकते हैं। अगर वह ही सुनवाई नहीं करेंगे, तो प्रदेश में दलितों की सुनवाई कौन करेगा।

दूलों ने कहा कि पंजाब दलितों पर लगातार अत्याचार बढ़ रहा है, दलित लड़कियों के साथ दुष्कर्म, खेतों में काम करने वाले दलितों के कर्जे सहित पंचायती जमीनों के कई मामलों को बैठक में रखना था, लेकिन जब मुख्यमंत्री बैठक में शामिल ही नहीं होंगे, तो सुनवाई क्या होगी।

मीटिंग में वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री का गला खराब है व उनका स्वास्थ्य उनको मीटिंग में आने की अनुमति नहीं दे रहा। वहीं, दूलों ने कहा कि उन्होंने मंत्री साधु सिंह धर्मसोत व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल को सलाह दी थी कि अगर मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य ठीक नहीं था तो बैठक मुलतवी कर देते।

गौरतलब है कि शमशेर सिंह दूलों इससे पहले भी दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर चुके हैं। विधानसभा चुनाव 2017 से पहले मोहाली के नया गांव में हुए कांग्रेस के समारोह के दौरान दूलों ने कहा था कि दलित समाज के लोगों को कांग्रेस स्थान तो देती है, लेकिन सम्मान नहीं देती। इसी कारन दलित समाज कांग्रेस से दूर हो रहा है।

उससे पहले दूलों ने यह भी कहा था कि -बेशक मैं पंजाब कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष था, लेकिन इसके बावजूद कई बड़े नेता मेरे साथ सही ढंग से बर्ताव नहीं करते थे, क्योंकि मैं दलित था। अन्य दलित नेताओं के साथ भी ऐसा ही होता है।

हालांकि उस समय दूलों का यह बयान जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था तो अनुसूचित जाति के लोगों ने कांग्रेस की निंदा की थी। हालांकि इसके साथ उन्होंने दूलों पर भी सवाल उठाए थे। लोगों का कहना था कि अगर दूलों को कांग्रेस में सम्मान नहीं मिलता तो वह पार्टी में क्या कर रहे हैं।

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