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अमेरिका में मनाई गई कबीर जयंती, एनआरआइज ने कहा-महापुरुषों के विचारों को अमल में लाना होगा


Updated On: 2016-07-03 01:11:44 अमेरिका में मनाई गई कबीर जयंती, एनआरआइज ने कहा-महापुरुषों के विचारों को अमल में लाना होगा

कैलिफोर्निया। सात समंदर पार विदेशी धरती पर बसे एनआरआइज का बहुजन समाज के संतों-महापुरुषों से जुड़ाव हमेशा बना रहता है। इन महापुरुषों के जीवन, संघर्ष से संबंधित खास दिनों को इकट्ठे होकर मनाना ये एनआरआइज कभी नहीं भूलते।

श्री गुरु रविदास जयंती, कबीर जयंती, बुद्ध जयंती, अंबेडकर जयंती, महात्मा ज्योतिबा फूले, पेरियर आदि बहुजन समाज के आदर्श महापुरुषों से जुड़े दिन अब विदेशों में बड़े स्तर पर मनाए जाने लगे हैं। खासतौर पर श्री गुरु रविदास गुरु घर फ्रेजनो में इन खास दिनों पर खास आयोजन होते हैं।

श्री गुरु रविदास गुरु घर कमेटी फ्रेजनो द्वारा गत दिवस सतगुरु कबीर जयंती पर गुरु घर में समागम करवाया गया। इसमें पंजाब समेत भारत के अन्य राज्यों से यहां आकर बसे एनआरआइज शामिल हुए, जिन्होंने अपने बहुमूल्य विचार रखे।

समारोह में अपने विचार रखते हुए समाज सेवक एनआरआई अमर दड़ौच ने कहा कि सतगुरु कबीर जी ऐसे महान महापुरुष हुए, जिन्होंने अपनी समकालीन जाति व गैरबराबरी पर आधारित व्यवस्था को बेखौफ होकर चुनौती दी। उन्होंने ऊंच-नीच के भेदभाव का खुले तौर पर विरोध किया।

सतगुरु कबीर जी की वाणी का जिक्र करते हुए श्री दड़ौच ने कहा कि सतगुरु कबीर जी शोषित समाज की मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित थे। उनका कहना था कि जिन लोगों पर अत्याचार होते हैं, वे इसके खिलाफ बगावत क्यों नहीं करते। जिल्लत भरी जिंदगी क्यों जीते हैं। ये शोषित समाज क्यों नहीं जागता।

कबीर जी संपूर्ण शोषित समाज की आजादी के पक्षधर रहे। उनका कहना था कि सामाजिक, आर्थिक तौर पर हमेशा समानता होनी चाहिए।

एनआरआई अमर दड़ौच ने कहा कि कबीर जी ने जिस भारत की धरती पर जन्म लिया, वहां आज भी शोषित समाज पर जुल्म होते हैं। एनसीआरबी की 2013 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस साल 2800 दलित महिलाओं के साथ बलात्कार हुए। रोजाना 8 महिलाओं से बलात्कार हुए।

इसी तरह दलितों की हत्या के एक साल में 8327 मामले (प्रतिदिन 25 कत्ल) सामने आए। जातीय तौर पर हिंसक घटनाओं की संख्या 16,734 रही, जो कि औसत रोजाना 45 बनती है।

उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि भारत में उतने लोग नार्थ ईस्ट के हथियारबंद संघर्ष, कश्मीर व नक्सली गतिविधियों में नहीं मारे गए, जितने भारतीय संविधान में आस्था रखने वाले कत्ल (8327) कर दिए गए।

देश की संसद में राज्यसभा के 250 व लोकसभा के 543 सांसद होने के बावजूद शोषितों के हक में खुलकर बोलने वाले कोई नहीं हैं। अगर सांसद शोषित समाज पर होने वाले जुल्म के खिलाफ खुलकर बोलते तो शायद 8327 लोग नहीं मरते।

पंजाब में नशे की बिक्री पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री दड़ौच ने कहा कि प्रदेश में रिजर्व कैटेगरी से चुनकर 34 अनुसूचित जाति (एससी) एमएलए विधानसभा में पहुंचे, लेकिन दलितों के खिलाफ होने वाली बलात्कार व अन्य अत्याचारों की घटनाओं पर कोई भी खुलकर नहीं बोलता।

उन्होंने कहा कि शोषित समाज को चाहिए कि वह उन लोगों के साथ खड़ा हो, जो कि उनकी समानता के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जो लोग खराब व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, समाज को उन्हें सम्मान देना चाहिए।

हमें जाति तोड़ो समाज जोड़ो का नारा देने वालों के साथ खड़ा होना होगा। अगर हम उनके साथ खड़े नहीं होंगे तो पछताते रहेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के दिन मनाने हैं तो उनकी विचारधारा को भी अमल रूप में धारण करना होगा।

अंधविश्वास से बाहर निकले शोषित बहुजन समाज : हरबलास सिंह झिंगड़
एनआरआई हरबलास सिंह झिंगड़ ने सतगुरु कबीर जयंती पर उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कबीर जी ने जीवन भर खराब व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि यह दुख का विषय है कि कबीर जी जहां पैदा हुए थे, पहले से लेकर आज तक वहां उस विचारधारा का राज है, जिसके खिलाफ तथागत बुद्ध व कबीर जी महाराज आवाज बुलंद करते रहे। श्री झिंगड़ ने शोषित बहुजन समाज के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि लोगों को अंधविश्वासों से बाहर निकलना चाहिए।

धर्म के नाम पर होने वाला भेदभाव बंद हो : राजिंदर गंगड़
एनआरआई राजिंदर गंगड़ ने कहा कि सतगुरु कबीर जी महाराज पूरी मानवता के मसीहा थे। उन्होंने कहा कि जुल्म पहले भी होते थे और अब भी होते हैं। अगर लोग उस समय सतगुरु कबीर जी महाराज को समझ जाते और उनका साथ देते तो आज शायद ये ज्यादतियां नहीं होनी थीं। श्री गंगड़ ने मौजूदा समय में धर्म के नाम पर होने वाले भेदभाव का विरोध करते हुए कहा कि सभी को बराबर सम्मान दिया जाना चाहिए।

जब तक कुर्सी पर हाथ नहीं डालते, तब तक आपकी मर्जी नहीं चलेगी : राजगुरु

अपने विचार रखते हुए एनआरआई राजगुरु ने कहा कि हम गुरुओं की बाणी सुनते हैं, पर अमल नहीं करते। हमें इस पर गौर करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि शोषितों को अपने हक लेने के लिए खुद आगे आना होगा। खुद झंडा उठाना होगा। राजगुरु ने कहा कि जब तक आपके पास राज नहीं, जब तक आप कुर्सी को हाथ नहीं डालते, आपकी मर्जी नहीं चलेगी। अपने हाथ में अपना झंडा उठाओ। हैसियत अपने आप बन जाएगी। जिस दिन आप डरना छोड़ देंगे, जीत आपकी होगी।

अहंकार छोड़ें, सेवा कार्यों पर ध्यान दें : भाई राम सिंह
सतगुरु कबीर जी महाराज की जयंती की बधाई देते हुए भाई राम सिंह ने कहा कि समाज को कबीर जी की क्रांतिकारी वाणी को गंभीरता से अपनाने की जरूरत है। दूसरों के रास्ते की रुकावट नहीं बनना चाहिए, बल्कि उनकी मदद करनी चाहिए। अहंकार हमेशा घातक होता है, इसलिए इसे छोडक़र सेवा कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।

अच्छाई की शुरुआत हमें खुद से करनी होगी : मनदीप कौर
एनआरआई बहन मनदीप कौर ने सतगुरु कबीर जी महाराज के जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि हम दूसरों से जो उम्मीद करते हैं, क्या हम खुद वैसे हैं। अच्छाई की शुरुआत हमें अपने आप से करनी होगी। उन्होंने सतगुरु कबीर जी की क्रांतिकारी वाणी से प्रेरणा लेने की अपील की।

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