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मोदी सरकार के खिलाफ लंदन में सडक़ों पर उतरे बहुजन समाज के लोग


Updated On: 2019-08-19 13:22:50 मोदी सरकार के खिलाफ लंदन में सडक़ों पर उतरे बहुजन समाज के लोग

भारत में एससी, एसटी, ओबीसी व धार्मिक अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों, ईवीएम और तुगलकाबाद में श्री गुरु रविदास मंदिर तोड़े जाने का मामला 18 अगस्त को विदेशी धरती पर गूंजा। लंदन के पार्लियामेंट के सामने बड़ी गिनती में इकट्ठे हुए बहुजन समाज के लोगों ने इन मामलों को लेकर मोदी सरकार और आरएसएस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

इस दौरान एससी, एसटी, ओबीसी और धार्मिक अल्पसंख्यकों से एकजुट होने का आह्वान किया गया। इस प्रदर्शन में अंबेडकर, श्री गुरु रविदास, भगवान वाल्मीकि, बुद्धिस्ट और सिख संस्थाओं ने बढ़-चढक़र भाग लिया।

इस मौके पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रपौत्र राज रत्न अंबेडकर भी पहुंचे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भीमा कोरेगांव में अत्याचार होने के बाद हमने महाराष्ट्र बंद किया। उसके बाद 35 हजार लोगों पर झूठे केस डाले गए। जो गुनाह हमने नहीं किया, उसके लिए हमें जेलों में डाला जा रहा है। दिल्ली के तुगलकाबाद में 650 साल पुराना श्री गुरु रविदास का मंदिर तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई भारतीय लोकतंत्र और भारतीय संविधान को तोडऩे जैसी है।

राजरत्न अंबेडकर ने विदेशों में बसे बहुजन समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें सुरक्षित करने का काम आप बाहर से करो। हम भारत में नहीं बोल सकते। अगर कोई मुसलमान सडक़ पर आता है तो उसे आतंकी कह देते हैं। वहीं अंबेडकरवादी को नक्सलाइट कहते हैं। हम लोगों को भारत की लड़ाई, भारत के बाहर जो अंबेडकराइट हैं, उनके सामने रखनी होगी। राजरत्न अंबेडकर ने कहा कि वह इस मामले को 22 सितंबर को यूनाइटेड नेशंस में भी रखेंगे

उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को तहस-नहस किया जा रहा है। अगर संविधान नहीं रहेगा तो धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। एससी, एसटी, ओबीसी और धार्मिक अल्पसंख्यकों को इकट्ठा होकर अपने अधिकार की लड़ाई लडऩी होगी।

इस मौके पर डॉ. अंबेडकर मेमोरियल कमेटी वुल्वरहैंप्टन से जुड़े खुशविंदर बिल्ला ने कहा कि यह प्रदर्शन कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक के मुद्दों को लेकर है। दिल्ली में श्री गुरु रविदास मंदिर को तोडऩा अति निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि अगर हमारा संविधान सुरक्षित है, तभी हम अपने ऐतिहासिक स्थलों को सुरक्षित कर सकेंगे। तभी हमारे राजनीतिक व धार्मिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। सिख भाईचारे, दलित, बुद्धिस्ट, मुस्लिम सभी को एक होना होगा। अगर एकजुट नहीं होंगे तो हम पर अत्याचार ऐसे ही होते रहेंगे।

इस मौके पर बहुजन समाज से जुड़ी अन्य शख्सियतों ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी गिनती में बसपा समर्थक भी हाथों में पार्टी के झंडे लेकर शामिल हुए।

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