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अनुसूचित जाति वर्ग की महिला कृष्णा कुमारी बनीं सीनेटर पद की उम्मीदवार


Updated On: 2018-02-22 04:49:34 अनुसूचित जाति वर्ग की महिला कृष्णा कुमारी बनीं सीनेटर पद की उम्मीदवार

मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान की राजनीति में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग को स्थान दिया जाना इन दिनों दुनिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां के सिंध प्रांत में थार की कृष्णा कुमारी पाकिस्तान की पहली एससी महिला सीनेटर बन सकती हैं। उनसे पहले एससी वर्ग के दो व्यक्ति इस पद पर पहुंचने में सफल हो चुके हैं।

39 वर्षीय कृष्णा कुमारी कोल्ही को सीनेटर पद का उम्मीदवार बनाए जाने की जानकारी सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने बुधवार को दी। पीपीपी ने कृष्णा कुमारी को सिंध विधानसभा की एक अल्पसंख्यक सीट से नामांकित किया। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कृष्णा कुमारी का नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया है। इस सीट पर चुनाव 3 मार्च को होंगे।

पीपीपी प्रवक्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि कृष्णा कुमारी कोल्ही पाकिस्तान की पहली ऐसी एससी महिला होंगी, जो कि सीनेटर बनेंगी। कोल्ही की जाति का उल्लेख पाकिस्तानी अनुसूचित जातियां अध्यादेश-1975 में है।

प्रवक्ता ने कहा कि पहली गैरमुस्लिम सीनेटर को नामित करने का श्रेय भी पीपीपी के पास है, जिसने 2009 में अनुसूचित जाति वर्ग के डॉ. खाटूमल जीवन को सामान्य सीट से सीनेटर चुना था। इसी तरह 2015 में सीनेटर चुने जाने वाले इंजीनियर ज्ञानीचंद एससी वर्ग के दूसरे व्यक्ति थे। उन्हें भी पीपीपी ने सामान्य सीट से उतारा था।

समा टीवी चैनल की एक खबर के मुताबिक, कृष्णा कुमारी स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से संबंधित हैं।

वह एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर अपने भाई के साथ पीपीपी में शामिल हुई थीं। बाद में उन्हें बेरेनो से यूनियन काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया।

कृष्णा कुमारी का जन्म 1979 में सिंध के नगरपारकर जिले के एक दूरदराज गांव में हुआ था। उनके परिवार के सदस्यों ने एक जमींदार की एक निजी जेल में करीब तीन साल गुजारे। उन्हें बंधुआ मजदूर की तरह रखा गया था। टीवी चैनल के अनुसार, कृष्णा कुमारी ने 16 वर्ष की उम्र में लालचंद से विवाह किया था।

विवाह के बाद भी कृष्णा कुमारी ने अपनी पढाई जारी रखी और वर्ष 2013 में उन्होंने सिंध विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।

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