Madhya Pradesh

सस्पेंड चल रहीं आईएएस डॉ. शशि ने कहा-मेरा न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ गया है


Updated On: 2016-07-30 18:27:19 सस्पेंड चल रहीं आईएएस डॉ. शशि ने कहा-मेरा न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ गया है

भोपाल। गुजरात में दलितों के खिलाफ अत्याचार के मुद्दे पर बुरी तरह से घिरी भाजपा के लिए उसकी सत्ता वाले राज्य मध्य प्रदेश में भी मुश्किलें कम नहीं हो पा रही हैं। पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर आरक्षित वर्ग के कर्मचारी पहले से ही मोर्चा खोले हुए हैं। ऊपर से दलित आईएएस अफसर भी भेदभाव को लेकर सरकार को सवालों के घेरे में खड़े कर रहे हैं।

आईएएस अफसर रमेश थेटे भाजपा को दलित विरोधी बताकर सरकार पर सवाल खड़े कर चुके हैं। अब इसी तरह अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से संबंधित आईएएस अफसर डॉ. शशि कर्णावत ने भाजपा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखकर इच्छामृत्यु मांगी है, जिसे लेकर फिर माहौल गरमा गया है।

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक आईएएस डॉ. शशि कर्णावत ने चिट्ठी में कहा है कि तीन साल से मैं न्याय के लिए गुहार लगा रही हूं। मुझे सिर्फ भरोसा मिला है। अब मैं इतनी परेशान हो गई हूं कि न्याय से मेरा भरोसा उठा गया है।

1999 की मध्य प्रदेश बैच की आईएएस डॉ. कर्णावत ने चिट्ठी में लिखा है कि आपसे अनेक बार मिलने के पश्चात आपके द्वारा दिए गए आश्वासनों पर कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने के फलस्वरूप हमारा न्याय पर से भरोसा उठ गया है। केवल बातों से न्याय नहीं मिलता, इसके लिए दिल से कार्रवाई करनी पड़ती है। हमने तीन साल से अधिक समय तक न्याय का इंतजार किया, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि दलित समाज से होने के कारण हमारे साथ न्याय करने की आपकी इच्छा नहीं है।

उल्लेखनीय है कि आईएएस रमेश थेटे की आत्महत्या की धमकी के बाद वैसे भी सरकार बैकफुट पर थी, अब शशि कर्णावत की इच्छामृत्यु की मांग ने एक बार फिर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। बार-बार सामने आ रहे इन विवादों और चिट्ठियों से सरकार की दलित विरोधी छवि बन रही है और दोनों अफसर भी अपने साथ दलित होने के कारण अन्याय की बात कर रहे हैं।

आईएएस रमेश थेटे भी लिख चुके हैं चिट्ठी
पिछले दिनों आईएएस रमेश थेटे ने भी सरकार को चिट्ठी लिखकर एसीएस आरएस जुलानिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और दलित होने कारण छुआछूत और अन्याय के आरोप जुलानिया के खिलाफ लगाए थे। इस मामले में सरकार की जमकर किरकरी हुई थी और निलंबित चल रही आईएएस शशि कर्णावत भी रमेश थेटे का समर्थन किया था।

मामले को बढता देख सरकार ने रमेश थेटे से तो सख्ती ही बरती थी, लेकिन शशि कर्णावत को सीएम ने बुलाकर नरमी के संकेत दिए थे। ऐसे में माना जा रहा था कि सीएम से मुलाकात के बाद जल्द ही शशि कर्णावत की बहाली हो जाएगी।

सीएम से मुलाकात के बाद शशि कर्णावत ने भी संतोष जताया था और अपनी बहाली की बात कही थी, लेकिन मुलाकात को करीब दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने के कारण शशि कर्णावत ने दोबारा चिट्ठी लिखी है।

इस कारण निलंबित हुई थी डॉ. कर्णावत
आईएस डॉ. कर्णावत पर मंडला सीईओ रहते हुए प्रिंटिंग सामग्री खरीद में गड़बडिय़ों के आरोप हैं। सरकार उन्हें निलंबित कर उनकी विभागीय जांच कर रही है। आईएएस डॉ. कर्णावत तीन साल पहले सितंबर 2013 से सस्पेंड हैं। इस बीच 6 बार उनकी निलंबन अवधि बढ़ा चुकी है। जवाब देने के लिए कर्णावत ने सरकार से और दस्तावेजों की मांग की है।

आईएएस थेटे भी खोल चुके हैं मोर्चा
मध्य प्रदेश में आईएएस अफसर रमेश थेटे ने भी यहां की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। बीते दिनों मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने खुद को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सिपाही और भाजपा सरकार को दलित विरोधी बताते हुए कहा था कि मुझ पर रोहित वेमुला की तरह अत्याचार किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आला अफसरों की चौकड़ी उन्हें सुसाइड करने को मजबूर कर रही है। थेटे ने जल संसाधन विभाग के एसीएस राधेश्याम जुलानिया पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।

Comments

Leave a Reply


Advertisement