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मरे पशु की खाल उतारने पर दलित महिला व बेटे को नंगा करके पीटा


Updated On: 2017-08-15 19:57:09 मरे पशु की खाल उतारने पर दलित महिला व बेटे को नंगा करके पीटा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में दलितों के खिलाफ हुए ऊना कांड पर देशभर में बवाल मचने के बावजूद इस प्रदेश में दबे-कुचले वर्गों के लिए हालात नहीं बदले हैं। ऊना कांड के करीब एक साल बाद इसी तरह की एक और घटना सामने आ गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक, यहां के आणंद जिले के सोजित्रा तालुका के कासोर गांव में ऊंची जाति के कुछ लोगों ने मरे हुए पशु का चमड़ा उतारने पर एक दलित महिला मनीबेन और उसके बेटे शैलेश रोहित को पहले नंगा किया और फिर उनकी डंडों से जमकर पिटाई कर दी।

यह घटना 12 अगस्त की बताई जा रही है, जिसका खुलासा अब हुआ है। हमले के दौरान पीडि़ता मणिबेन (45) और शैलेश रोहित (21) की भीड़ ने लाठियों से पिटाई की और अपशब्द कहे। इस घटना में गांव के दरबार (क्षत्रिय) समुदाय के लोगों का हाथ बताया जा रहा है।

खबर के मुताबिक, मणिबेन और उनका बेटा शैलेश भी मरे मवेशियों के शवों की खाल उतारने का काम करते हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 323, 506 (2) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बताया जाता है कि 5000 से अधिक परिवार वाले कसोर गांव में क्षत्रिय समाज का दबदबा है। आनंद के दलित अत्याचार निवारण समिति के अध्यक्ष किरण सोलंका के मुताबिक, आनंद जिले के गांवों में दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचर जारी हैं। खंभात शहर के सैयदपुरा और संडलपुरा उमरेठ गांवों के मंदिरों में दलितों को दाखिल होने की इजाजत नहीं है।

गौर हो कि करीब एक साल पहले ऊना में गौरक्षकों ने मरी हुई गाय की खाल उतार रहे चार दलितों को बेरहमी से पीटा था। इसे लेकर गुजरात में बड़ा दलित आंदोलन हुआ था। दलितों ने विरोध में मरी हुई गायों को सरकारी कार्यालयों में उठाकर रख दिया था।

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