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भाजपा को 2987 कॉरपोरेट्स ने दिया 706 करोड़ का चंदा, कांग्रेस को मिले 198 करोड़


Updated On: 2017-08-17 16:23:36 भाजपा को 2987 कॉरपोरेट्स ने दिया 706 करोड़ का चंदा, कांग्रेस को मिले 198 करोड़

भाजपा पर आमतौर पर पूंजीपतियों-धन्नासेठों की हिमायती पार्टी होने के आरोप लगते रहे हैं। यहां तक कि भाजपा सरकार की नीतियों को भी आम लोगों की बजाय पूंजीपतियों की समर्थक माना जाता रहा है। इसी संबंध में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) की ओर से एक रिपोर्ट भी जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि भाजपा पूंजीपतियों की पहली पसंद है।

कॉरपोरेट्स और बिजनेस घरानों ने भाजपा को पिछले चार सालों में सबसे ज्यादा चंदा दिया है। कुल चंदे का 89 फीसदी केवल कॉरपोरेट्स ने दिया है। भाजपा को 2987 दानदाताओं से करीब 706 करोड़ रुपये मिले हैं।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2015-16 के बीच देश की पांच राष्ट्रीय पार्टियों को कुल 956.77 करोड़ रुपये दान दिए गए। इनमें से भाजपा को अकेले 2987 दाताओं ने कुल 705.81 करोड़ रुपये दान दिए। भाजपा के बाद दूसरा नंबर कांग्रेस को आता है।

कांग्रेस को 167 कॉरपोरेट/बिजनेस घरानों से कुल 198.16 करोड़ रुपये मिले हैं। तीसरे नंबर पर एनसीपी है, जिसे 50 दानदाताओं ने कुल 50.73 करोड़ मिले। वहीं सीपीएम को 45 दाताओं के जरिए 1.89 और सीपीआई को 17 दाताओं के माध्यम से 0.18 करोड़ रुपये दान में मिले हैं।

देश की तीसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी बसपा से पूंजीपति-धन्नासेठ दूर नजर आ रहे हैं। एडीआर रिपोर्ट में भी बसपा को पूंजीपतियों से मिलने वाले चंदे का कोई जिक्र नहीं है। बसपा ने यह घोषणा की है कि 20 हजार रुपये से अधिक एक भी दाता ने उसे दान नहीं दिया है।

भाजपा के दान दाताओं का विश्लेषण करने से पता चलता है कि पिछले दो सालों में 20 हजार रुपये से ज्यादा के स्वैच्छिक दान करने वाले बिजनेस घरानों का आंकड़ा 92 फीसदी है, जबकि कांग्रेस के ज्ञात स्रोत के मुताबिक मात्र 85 फीसदी बिजनेस घराने हैं जिसने 20 हजार से ज्यादा की रकम दान दी है। राष्ट्रीय दलों को सबसे ज्यादा दान 2014-15 में मिला है, जब देश में लोकसभा चुनाव होने थे।

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