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डीएम से खफा एससी वर्ग के युवा शेयर कर रहे अपनी स्टाइलिश फोटो


Updated On: 2019-09-02 14:39:02 डीएम से खफा एससी वर्ग के युवा शेयर कर रहे अपनी स्टाइलिश फोटो

उत्तर प्रदेश के बलिया के प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील के दौरान उच्च जाति के बच्चों के जातिगत भेदभाव के चलते दलित-पिछड़े वर्ग के बच्चों के साथ ना बैठने की खबर पर बवाल मचा हुआ है। वहीं, अब डीएम द्वारा कथित तौर पर तंज कसे जाने को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, स्कूल में जातिगत भेदभाव के मामले की पड़ताल करने को लेकर जब बसपा नेता मौके पर पहुंचे तो वहां डीएम ने बसपा नेताओं का हाथ पकडक़र कहा कि ये सफेदपोश 25 लाख की गाड़ी में आए हैं।

डीएम ने बसपा नेताओं के महंगे जूतों और घड़ी पर भी तंज कसा। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के युवाओं ने अपनी स्टाइलिश फोटो शेयर कर डीएम साहब को आइना दिखाया है।

एससी वर्ग के युवा सोशल मीडिया पर अपने ब्रांडेड जूते, घड़ी व कपड़ों के साथ फोटो शेयर कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि सामंतवादी सोच के चलते डीएम को दलित सिर्फ दबा-कुचला, फटेहाल ही पसंद है, लेकिन अब जमाना बदल रहा है। ऐसी सोच वालों को करारा जवाब देना चाहिए।

खबरों के मुताबिक, डीएम के निरीक्षण के दौरान स्कूल पहुंचे बसपा कोऑर्डिनेटर मदनराम और जिलाध्यक्ष संतोष कुमार के साथ डीएम भवानी सिंह की बहस हो गई। उन्होंने नेताओं के एसयूवी में आने और महंगे जूते-घड़ी पहनने पर ही सवाल खड़े कर दिए।

सूट-बूट, जूतों पर कमेंट करने वाले बलिया के डीएम को सोशल मीडिया पर एससी युवाओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। उन्होंने ट्विटर पर हैशटेग #ShoesfortheDM के साथ महंगे जूते, गाडिय़ां और सूट-बूट पहने अपनी तस्वीरें पोस्ट करनी शुरू कर दीं।

उन्होंने डीएम के बयान की कड़ी निंदा की। कुछ लोगों ने लिखा कि यह है कुछ कथित पढ़े-लिखे अपर कास्ट लोगों की मानसिकता। ये सूट-बूट पहने और कार चलाने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों से नफरत करते हैं। उन्होंने लिखा, डीएम अपर कास्ट सामंती मानसिकता के प्रतीक हैं।

राजेश एसपी ने ट्विटर पर बीएमडब्ल्यू गाड़ी के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा-बलिया के डीएम ठाकुर भवानी सिंह को दिक्कत है कि दलित और पिछड़े महंगी कार पर क्यों चलते हैं। महंगी घड़ी और चमचमाते जूते क्यों पहनते हैं।

कई दलितों ने लिखा- देश के अपर कास्ट को पढ़ा-लिखा, मुखर और अच्छे कपड़े पहनने वाले दलित पसंद नहीं हैं। ये उनसे नफरत करते हैं।

 

जस्सी सल्लन अपनी व दोस्तों की स्टाइलिश फोटो शेयर करते हुए लिखते हैं-डीएम साहब! शूद्र और अछूत मानी जाने वाली जातियों के बच्चे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की बदौलत एक सशक्त बहुजन बन गए हैं, जो महंगी कंपनी के जूते भी पहनते हैं, ब्रांडेड कंपनी के कपड़े पहन कर घूमते हैं।

नैतिक निगम ने ट्विटर पर हैशटैग #ShoesfortheDM के साथ बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जूतों की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा-अरे डीएम साहब! एक नजर इधर भी डालो। सूट और चमचमाते बूट की तो यहां परंपरा है, विरासत है, रिवाज है और हमें आदत है।

दूसरी ओर, इस वीडियो के वायरल होने के बाद डीएम ने बलिया के स्कूल में मिड डे मील परोसने के दौरान दलित बच्चों को अलग बिठाने के मामले की जांच कराने का वादा किया है।

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