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उच्च जाति के टीचरों के घड़े से पानी पीने पर वाल्मीकि समाज के टीचर को थमाया नोटिस


Updated On: 2019-09-01 15:16:09 उच्च जाति के टीचरों के घड़े से पानी पीने पर वाल्मीकि समाज के टीचर को थमाया नोटिस

गुजरात के नर्मदा जिले के वाडिया गांव में बनी आवासीय कॉलोनी की सोसायटी द्वारा दलितों और मुसलमानों को घर ना बेचने संबंधी आदेश को लेकर हंगामा थमा नहीं था कि अब इसे प्रदेश में दलितों से भेदभाव की एक और शर्मनाक घटना सामने आ गई है। 

गुजरात के सुरेन्द्र नगर जिले में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से संबंधित एक टीचर को सिर्फ इसलिए पीटा गया, क्योंकि उसने उच्च जाति के शिक्षकों के घड़े से पानी पी लिया था। इसे लेकर स्कूल प्रिंसिपल ने पहले उसे थप्पड़ मारा और फिर गालियां देते हुए नोटिस भी थमा दिया। यही नहीं, एक दिन के लिए स्कूल को भी बंद कर दिया गया।

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, एससी वर्ग के टीचर कन्हैया लाल बरैया ने इस भेदभाव के खिलाफ जब पुलिस के पास शिकायत करवाई तो उसके दो सप्ताह बाद उन्हें दूसरे सरकारी स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया। कन्हैया लाल बरैया ने अब प्रिंसिपल पर जाति आधारित भेदभाव, धमकी देने और नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।

चोटिला पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में कन्हैया लाल बरैया ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब वह बरिया पियवा सरकारी प्राथमिक शाला-2 में पढ़ा रहे थे। जब से उन्होंने इस स्कूल में पढ़ाना शुरू किया, तब से प्रिंसिपल मसंग राठौड़ उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं।

बरिया ने बताया कि प्रिंसिपल ने दो घड़े रखे थे। एक मेरे लिए, क्योंकि मैं वाल्मीकि समुदाय से हूं और एक घड़ा मेरे बाकी तीन सहयोगियों के लिए। वे तीनों उच्च जाति वर्ग से संबंधित हैं। कन्हैया ने कहा कि जब उन्होंने उच्च जाति के टीचरों के घड़े से पानी पिया तो प्रिंसिपल ने उन्हें धमकाया और थप्पड़ मारा।

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