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चंद्रयान-2 की लांचिंग से पहले मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे इसरो चेयरमैन


Updated On: 2019-09-07 11:02:03 चंद्रयान-2 की लांचिंग से पहले मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे इसरो चेयरमैन

भारत के 978 करोड़ की लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन को शनिवार तडक़े झटका लग गया। लैंडर विक्रम से चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चीफ के. सिवन ने संपर्क टूटने की जानकारी देते हुए कहा कि चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी पहले तक लैंडर का प्रदर्शन योजना के अनुरूप था। उसके बाद उसका संपर्क टूट गया।

चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को भारत के हेवी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हिकल-मार्क 3 (जीएसएलवी एमके 3) के जरिए अंतरिक्ष में लांच किया गया था। इस मिशन के सफल होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अंतिम समय में निराशा हाथ लगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रयान-2 को लांच करने से पहले इसरो चीफ के. सिवन ने मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना भी की थी। के. सिवन चंद्रयान-2 की लांचिंग से पहले 13 जुलाई को तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंचे थे।

खबर के मुताबिक, इसरो में किसी भी मिशन के लांच से पहले पूजा करने की परंपरा रही है। बालाजी और अन्य कई बड़े मंदिरों में इसरो के वैज्ञानिक मिशन से पहले पूजा करते हैं। हालांकि कई लोग इसे टोटका और अंधविश्वास मानते हैं और वैज्ञानिकों के किसी काम से पहले पूजा पाठ करने को लेकर सहमत नहीं हैं।

चंद्रयान-2 की लांचिंग से लेकर 6 सितंबर तक देश के अलग-अलग मंदिरों में इसकी सफलता के लिए पाठ-पूजा की जा रही थी। उज्जैन के महाकाल मंदिर और गणेश मंदिर में विशेष पूजन पाठ किया गया था। यहां पंडितों ने चंद्रयान-2 की सफलता के लिए हवन यज्ञ किया था।

हालांकि पाठ-पूजा के बाद भी चंद्रयान-2 मिशन फतेह नहीं कर पाया। मिशन की असफलता को लेकर इसरो चीफ के. सिवन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गले लगकर फूट-फूट कर रोए।

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