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बेरोजगारी पर मायावती ने मोदी सरकार के मंत्री को घेरा, बयान को बताया शर्मनाक


Updated On: 2019-09-15 09:13:25 बेरोजगारी पर मायावती ने मोदी सरकार के मंत्री को घेरा, बयान को बताया शर्मनाक

देश में छाई मंदी के बीच कई लोगों से रोजगार छिन चुका है। इससे भी चिंता की बात यह है कि रोजगार के नए मौके पैदा होने की रफ्तार धीमी है। इसी बीच मोदी सरकार के मंत्री के एक बयान ने नया विवाद छेड़ दिया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि रोजगार की कमी नहीं है, बल्कि योग्यता की कमी है। 

केंद्र की मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल को लेकर 14 सितंबर को बरेली में केंद्रीय मंत्री गंगवार सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में रोजगार और नौकरियों की कोई कमी नहीं है।

संतोष गंगवार ने कहा कि हमारे उत्तर प्रदेश में जो रिक्रूटमेंट करने आते हैं, वो इस बात का सवाल करते हैं कि जिस पद के लिए हम रख रहे हैं, उस क्वालिटी का व्यक्ति हमें नहीं मिल रहा है। कमी है तो योग्य लोगों की।

मंत्री ने कहा कि देश में रोजगार की कोई कमी नहीं है। रोजगार बहुत है। रोजगार दफ्तर के आलावा हमारा मंत्रालय भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है। रोजगार की कोई समस्या नहीं है, बल्कि जो भी कंपनियां रोजगार देने आती हैं, उनका कहना होता है कि उन युवाओं में योग्यता नहीं है। मंदी की बात समझ में आ रही है, लेकिन रोजगार की कमी नहीं है।

विपक्षी पार्टियों ने केंद्रीय मंत्री के इस बयान को उत्तर भारतीयों का अपमान बताया है। बसपा अध्यक्ष कुमारी मायावती ने कहा है कि कि देश में छाई आर्थिक मंदी आदि की गंभीर समस्या के संबंध में केंद्रीय मंत्रियों के अलग-अलग हास्यास्पद बयान आ रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री द्वारा देश व खासकर उत्तर भारतीयों की बेरोजगारी दूर करने की बजाय यह कहना कि रोजगार की कमी नहीं, बल्कि योग्यता की कमी है, अति-शर्मनाक है, जिसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

वहीं, संजय सिंह ने मोदी सरकार के मंत्री के बयान को उत्तर भारतीयों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में ही योग्यता की कमी है। मंत्री बताएं कि चौपट अर्थव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है।

(Photo Credit : Vimal Varun)

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