India

लोकसभा स्पीकर ने कहा-ब्राह्मणों का समाज में उच्च स्थान


Updated On: 2019-09-11 02:43:58 लोकसभा स्पीकर ने कहा-ब्राह्मणों का समाज में उच्च स्थान

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के जाति पर आधारित एक ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा हुआ है। बिड़ला ने ब्राह्मणों को समाज में सबसे श्रेष्ठ बताते हुए कहा है कि यह उच्च स्थान ब्राह्मणों को त्याग और तपस्या के चलते मिला है। उनके इस बयान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्षी पार्टियों ने इसकी निंदा करते हुए कहा है कि किसी को भी छोटा-बड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

राजस्थान के कोटा में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के कार्यक्रम को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि समाज में ब्राह्मणों का हमेशा से उच्च स्थान रहा है। यह स्थान उनकी त्याग और तपस्या का परिणाम है। यही वजह है कि ब्राह्मण समाज हमेशा से मार्गदर्शक की भूमिका में रहा है।

बिड़ला के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की जा रही है। लोगों की नाराजगी इस कद्र है कि वे उनके संवैधानिक पद पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

बीते दिनों लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण सभा के एक कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए ब्राह्मणों को श्रेष्ठ बताया था।

उल्लेखनीय है कि 17वीं लोकसभा के स्पीकर बनने वाले बिड़ला दो बार भाजपा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा बिड़ला सांसद बनने से पहले साउथ कोटा सीट से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं।

लोकसभा स्पीकर के बयान पर बसपा के राज्यसभा सदस्य वीर सिंह ने कहा कि जाति के आधार पर समाज में कोई सर्वश्रेष्ठ नहीं होता, बल्कि उसका कर्म उसे श्रेष्ठ बनाता है। ब्राह्मण को जन्म के आधार पर समाज का मार्गदर्शक नहीं बताया जाना चाहिए। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर बहुत पढ़े-लिखे थे। उन्होंने समाज और देश को मार्ग दिखाया, इसीलिए वह श्रेष्ठ थे।

दलित चिंतक प्रो. रतन लाल ने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के बयान से यह बात साफ हो गई है कि भाजपा और मोदी सरकार के लोगों का लोकतंत्र और संविधान पर किसी तरह का कोई भरोसा नहीं है। इनकी मनुवादी सोच है और देश को मनुस्मृति के हिसाब से चलाना चाहते हैं। इसी सोच का नतीजा है कि संवैधानिक पद पर होने के बाद भी ओम बिड़ला जातिवादी सोच से बाहर नहीं निकल सके हैं। साथ ही उनके बयान से साफ होता है कि वो दलित, आदिवासी और पिछड़े समुदाय के लोगों को आज भी घृणा की नजरिए से ही देखते हैं। इस बयान के लिए लोकसभा अध्यक्ष को माफी मांगनी चाहिए।

Comments

Leave a Reply


Advertisement