India

जहां दलित विधायक ने दिया धरना, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसका किया 'शुद्धिकरण'


Updated On: 2019-07-29 06:36:22 जहां दलित विधायक ने दिया धरना, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसका किया 'शुद्धिकरण'

केरल में कांग्रेस कथित जातिवादी भेदभाव को लेकर बुरी तरह घिर गई है। खबरों के मुताबिक, केरल के त्रिशूर जिले में बीते दिनों एक दलित विधायक ने धरना दिया था। आरोप है कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस स्थान को कथित तौर पर शुद्ध करने के लिए यहां गाय के गोबर और मिश्रित पानी का छिडक़ाव किया। 

इस संबंध में त्रिशूर में नत्तिका विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली गीता गोपी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जातिगत भेदभाव के खिलाफ चेरपू पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

राज्य के मंत्रियों ने भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की निंदा की और कहा कि ऐसे कृत्य स्वीकार नहीं किये जा सकते हैं। दलित विधायक गीता गोपी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से संबंधित हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कृत्य को जातिवादी करार दिया है।

उल्लेखनीय है कि त्रिशूर के समीप चेरप्पू में 27 जुलाई को नत्तिका की विधायक गीता गोपी इलाके में सडक़ की खराब दशा के खिलाफ लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी थीं। उनके विरोध में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला और आरोप लगाया कि धरना लोगों को बेवकूफ बनाने की हरकत है।

जहां पर गीता धरने पर बैठी थीं, वहां युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक शुद्धिकरण के तौर पर गाय के गोबर मिश्रित पानी का छिडक़ाव भी किया।

एक भाकपा नेता ने मीडिया के सामने यह आरोप भी लगाया कि पानी छिडक़ने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चेरपु ग्राम पंचायत अध्यक्ष भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते समय में कांग्रेस के ही अलग-अलग प्रदेशों के दलित नेता पार्टी के उच्च जाति के नेताओं पर उनसे जाति भेदभाव करने के आरोप लगा चुके हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एससी सेल के नेता रह चुके जतिंदर गौर ने अपनी ही पार्टी के सीनियर नेता पर कथित तौर पर जाति भेदभाव करने का आरोप लगाया था।

इसके अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल में भी ऐसा ही मामला उठा था। यहां पीसीसी मुख्यमालय में अनुसूचित जाति विभाग की बैठक रखी गई थी। इसमें इंदौर से दलित नेता नीतेश नरवरे भी शामिल हुए। बैठक में नीतेश ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस में दलित नेताओं को उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि पीसीसी मुख्यालय में दलित नेताओं के बैठने की जगह तक नहीं मिलती। यहां तक कि आज भी कांग्रेस मुख्यालय में अनुसूचित जाति विभाग को कक्ष भी नहीं मिला है। पार्टी के बड़े नेताओं को दलितों के कपड़ों से बू आती है, जिस वजह से वो उन्हें अपने पास तक नहीं बैठाते।

Comments

Leave a Reply


Advertisement