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मोदी राज : लाखों लोगों की नौकरियां गईं, जीडीपी घटकर 5 फीसदी पर पहुंची


Updated On: 2019-08-30 14:22:03 मोदी राज : लाखों लोगों की नौकरियां गईं, जीडीपी घटकर 5 फीसदी पर पहुंची

मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर घिरती नजर आ रही है। देश में मंडरा रहा मंदी का खतरा लाखों लोगों की नौकरियां ले चुका है। अब जीडीपी ग्रोथ पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। खबरों के मुताबिक, अर्थव्यवस्था में सुस्ती की समस्या से जूझ रही केंद्र सरकार को आर्थिक विकास दर के मोर्चे पर झटका लगा है।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की आर्थिक विकास दर घटकर महज पांच फीसदी रह गई है, जो साढ़े छह वर्षों का निचला स्तर है। पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में आर्थिक विकास दर 5.8 फीसदी रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी हो गई है। अगर सालाना आधार पर तुलना करें तो करीब 3 फीसदी की गिरावट है। एक साल पहले इसी तिमाही में जीडीपी की दर 8 फीसदी थी। पिछली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में गिरावट और कृषि उत्पादन में कमी का जीडीपी ग्रोथ पर ज्यादा असर हुआ।

करीब 7 साल पहले यूपीए सरकार में किसी एक तिमाही में जीडीपी के आंकड़े इस स्तर पर पहुंचे थे। वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में जीडीपी के आंकड़े 4.9 फीसदी के निचले स्तर पर थे।

अगर सेक्टर की बात करें तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पिछले वित्त वर्ष (2018-19) के 12.1 फीसदी की तुलना में महज 0.6 फीसदी की दर से आगे बढ़ सका है। वहीं एग्रीकल्चर और फिशिंग सेक्टर पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 5.1 फीसदी की तुलना में 2 फीसदी की दर से आगे बढ़ा है।

वहीं क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने साल 2019 के लिए भारत का जीडीपी ग्रोथ 6.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इससे पहले जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने बताया था कि सर्विस सेक्टर में सुस्ती, कम निवेश और खपत में गिरावट से भारत की जीडीपी सुस्त हुई है। नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ताओं का विश्वास कम हो रहा है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में गिरावट आई है।

देश के ऑटोमोबाइल समेत अन्य सेक्टर में सुस्ती का दौर देखने को मिल रहा है। ऑटो सेक्टर में प्रोडक्शन और सेल्स में लगातार गिरावट आ रही है। वहीं लाखों लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं। इसी तरह एफएमसीजी और टेक्सटाइल सेक्टर भी मंदी जैसे हालात से गुजर रहे हैं।

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