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बसपा के हिस्से के वोट भाजपा के खाते में चले गए


Updated On: 2017-11-22 19:29:51 बसपा के हिस्से के वोट भाजपा के खाते में चले गए

इसी साल की शुरुआत में यूपी समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में भाजपा के पक्ष में हेराफेरी किए जाने का मुद्दा जमकर उछला था। इसके बाद भी कई जगह हुए चुनावों के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की घटनाएं सामने आती रही हैं। अब नए मामले यूपी के निकाय चुनाव में सामने आए हैं।

22 नवंबर को यूपी के कई जिलों में ईवीएम गड़बड़ी की शिकायतें आईं। मतदान केंद्र पर वोट डालने आए कई लोगों ने आरोप लगाया कि वे मतदान के समय बटन हाथी (बसपा) वाला दबा रहे थे, लेकिन ईवीएम में बत्ती भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के सामने वाली जल रही थी।

कानपुर में इसे लेकर जमकर हंगामा भी हुआ। यहां के नगर निगम के वार्ड 58 में भाजपा को छोडक़र अन्य सभी प्रत्याशियों ने जमकर प्रदर्शन किया। हालात इस कद्र बेकाबू हो गए कि मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी।

मौके पर बसपा समेत अन्य उम्मीदवारों के समर्थकों ने कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ईवीएम में धांधली करके भाजपा पर चुनाव जीतने का आरोप लगाया।

मेरठ में भी मतदाताओं और प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि बटन कोई भी दबाओ, पर सारे वोट भाजपा के खाते में जा रहे हैं। यहां कई वार्डों में मतदाताओं ने ईवीएम छेड़छाड़ के आरोप लगाए। यहां के वार्ड 89 में गड़बड़ी को लेकर मतदाताओं ने जमकर हंगामा किया।

इस संबंधी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तसलीफ आरिफ नाम के एक व्यक्ति ने अपना वोट बहुजन समाज पार्टी को दिया तो उनके सामने की बत्ती नहीं जली, बल्कि वोट भाजपा के खाते में जुड़ गया। इस बात पर स्थानीय नेताओं और प्रशासन से शिकायत की गई तो काफी हंगामा किया गया।

गौर हो कि ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा सबसे पहले बसपा प्रमुख कुमारी मायावती ने उठाया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव में ईवीएम में हेराफेरी करके भाजपा को लाभ पहुंचाए जाने के आरोप लगाए थे।

उनके बाद अन्य विपक्षी राजनीतिक पार्टियों ने भी ईवीएम धांधली के आरोप लगाए थे। तब से लेकर अब तक ईवीएम में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसके चलते लोगों का चुनाव प्रणाली से विश्वास उठने लगा है।

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