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ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल रिपोर्ट : भ्रष्टाचार में भारत ने पाकिस्तान-बांग्लादेश को भी पछाड़ा


Updated On: 2018-02-22 17:42:49 ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल रिपोर्ट : भ्रष्टाचार में भारत ने पाकिस्तान-बांग्लादेश को भी पछाड़ा

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर देश में सरकारें बनती और गिरती रही हैं। यहां एक पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने पर जनता द्वारा नकार दी जाती है, तो दूसरी पार्टी चुनावों में इसी मुद्दे को भुनाकर सरकार बना ले जाती है।

कांग्रेस की अगुवाई वाली पिछली यूपीए सरकार अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दों पर लगातार घिरती रही। भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2014 में भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और सत्ता में आने पर देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने का वायदा किया था, लेकिन अब खुद भाजपा को सत्ता में रहते करीब 4 साल का समय बीत चुका है, पर हालात नहीं बदले।

इन दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें वह लोगों से कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि -आप (जनता) मुझे प्रधानमंत्री मत बनाइए, आप मुझे चौकीदार बनाइए। मैं देश की तिजोरी पर कोई भी पंजा पडऩे नहीं दूंगा।

प्रधानमंत्री की सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो के बीच ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट जारी हो गई है, जिसमें बताया गया है कि भ्रष्टाचार के मामले में भारत की स्थिति और खराब हो गई है। ऐसे में लोग चुटकी ले रहे हैं कि भ्रष्टाचार थम नहीं रहा, देश का चौकीदार क्या कर रहा है?

रिपोर्ट के मुताबिक, भ्रष्टाचार में भारत का स्थान हर साल बढ़ता जा रहा है। 2016 में यह 79वें स्थान पर था और अब 81वें नंबर पर पहुंच गया है।

2017 में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 180 देशों में सर्वे किया है, जिसमें भारत का नंबर 81वां है, जबकि 2016 में 176 देशों के बीच यह सर्वे किया गया था और तब भारत का स्थान 79वां था। इसके एक साल पहले 2015 में 76वां स्थान था।

2015 के 38 अंकों के मुकाबले भारत को इस बार भी 40 अंक मिले हैं, जो पिछले कई वर्षों से इसी स्थान पर बना हुआ है। वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश भारत के मुकाबले थोड़ा कम भ्रष्टाचारी हैं।

पाकिस्तान ने भ्रष्टाचार इंडेक्स में 100 में से 32 अंक प्राप्त किए हैं, वहीं बांग्लादेश को 28 अंक मिले हैं। वहीं, चीन ने भ्रष्टाचार के मामले में भारत से 1 अंक ज्यादा प्राप्त किया है और उसकी रैंकिंग 41 है।

गौर हो कि गैर सरकारी संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ओर से ग्लोबल करप्शन इंडेक्स का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारों को सशक्त संदेश देना है। यह इंडेक्स 1995 से शुरू किया गया था। भ्रष्टाचार पर इंडेक्स रिपोर्ट विश्लेषकों, कारोबारियों और विशेषज्ञों के आकलन और अनुभवों पर आधारित बताई जाती है।

इंडेक्स तैयार करने के लिए देशों को विभिन्न कसौटियों पर 0 से 100 अंक के बीच अंक दिए जाते हैं। सबसे कम अंक सबसे अधिक भ्रष्टाचार व्याप्त होने का संकेत माना जाता है।

इस सूची में न्यूजीलैंड और डेनमार्क 89 और 88 अंक के साथ सबसे ऊपर हैं। दूसरी तरफ सीरिया, सूडान और सोमालिया क्रमश: 14, 12 और 9 अंक लेकर सबसे नीचे हैं। इस सूची में चीन 77वें, ब्राजील 96वें और रूस 135वें स्थान पर हैं।

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