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सवर्णों को 10% आरक्षण मिला, फिर भी कर रहे जाति आधारित रिजर्वेशन का विरोध


Updated On: 2019-07-11 13:38:19 सवर्णों को 10% आरक्षण मिला, फिर भी कर रहे जाति आधारित रिजर्वेशन का विरोध

अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़े वर्ग (ओबीसी) को जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण का सवर्णों द्वारा पिछले लंबे समय से विरोध किया जा रहा है। जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ उनके द्वारा कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं। 

मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था किए जाने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब सवर्णों द्वारा एससी, एसटी व ओबीसी को दिए गए जाति आधारित आरक्षण का विरोध बंद हो जाएगा। हालांकि ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है। अब ब्राह्मण समाज ने जाति आधारित आरक्षण का विरोध करते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल के चंबा में बीते दिनों हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण सभा की राज्य कार्यकारिणी की एक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता राज्य प्रधान गुण प्रकाश शर्मा ने की। बैठक में एससी-एसटी एक्ट के बारे में चर्चा की गई तथा इस कानून को समाप्त करने पर जोर दिया गया। ब्राह्मण समाज ने एससी-एसटी एक्ट को काला कानून बताया।

इसके साथ ही उन्होंने एससी, एसटी व ओबीसी को जाति आधारित मिलने वाले आरक्षण का भी विरोध किया। उन्होंने आरक्षण आर्थिक आधार पर दिए जाने की वकालत की। इस मौके पर राज्य कार्यकारिणी व जिला कार्यकारिणी पदाधिकारियों के अलावा काफी तादाद में ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद थे।

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