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बाबा साहब अंबेडकर के स्लोगन से 'संघर्ष करो' हटाया


Updated On: 2019-08-04 14:38:03 बाबा साहब अंबेडकर के स्लोगन से 'संघर्ष करो' हटाया

गुजरात की पांचवीं क्लाब की गुजराती टेक्स्ट बुक में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्लोगन से कथित छेड़छाड़ को लेकर अंबेडकरवादियों में रोष देखने को मिल रहा है। बसपा अध्यक्ष कुमारी मायावती ने भी इस पर नाराजगी व्यक्त की है।

खबरों के मुताबिक, एक अंबेडकरवादी संगठन ने बाबा साहब अंबेडकर के स्लोगन से कथित छेड़छाड़ को लेकर मुख्यमंत्री गुजरात को चिट्ठी लिखकर विरोध किया है।

पांचवीं क्लास की जिस टेक्स्ट बुक में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्लोगन में फेरबदल करने के आरोप लगे हैं, उसे हास्यदा पांड्या द्वारा लिखा गया है।

इस बुक के अध्याय में गुजराती में लिखा गया है- ‘बाबा साहब का एक स्लोगन गांठ बांधने वाला है- शिक्षित बनो, संगठित बनो और स्वावलंबन ही सच्ची सहायता है।’

इस स्लोगन का हवाला देते हुए अंबेडकरवादी संगठन ने लिखा है कि टेक्स्ट बुक में जो स्लोगन लिखा गया है वो डॉ भीमराव अंबेडकर ने नहीं दिया था। ‘वास्तविक स्लोगन अंग्रेजी में कुछ इस प्रकार है- शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो। साल 1924 में बाबा साहब ने बहिश्रुत हितकारी संगठन का निर्माण ही इस उद्देश्य से किया था।

दूसरी ओर शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने कहा है कि अगर ऐसी कोई गलती हुई है तो उसे ठीक किया जाएगा।

वहीं बसपा अध्यक्ष कुमारी मायावती ने भी बाबा साहब अंबेडकर के स्लोगन से कथित छेड़छाड़ को लेकर सख्त नाराजगी व्यक्त की है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा-शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो बाबा साहब डॉ. अंबेडकर का वह अमर वाक्य है, जो करोड़ों दलितों व पिछड़ों को आगे बढऩे की प्रेरणा व शक्ति देता है, पर गुजरात सरकार की पुस्तक में उसे गलत पढ़ाया जा रहा है, जो कांग्रेस की तरह भाजपा के अंबेडकर व दलित-विरोधी चेहरे को बेनकाब करता है।

दलित अत्याचार व उत्पीडऩ के जघन्य अपराधों के साथ-साथ गुजरात भाजपा सरकार के इस प्रकार के घोर षड्यंत्रकारी कदम का तीव्र विरोध स्वाभाविक है। परमपूज्य डॉ. अम्बेडकर के ऐतिहासिक नारों/उद्धरणों को तोड़मरोड़ कर पढ़ाने का बसपा तीव्र विरोध करती है व उसे तत्काल वापस लेने की मांग करती है।

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