Health

देर रात तक जागने वाले बच्चों पर मोटापे का खतरा : रिसर्च


Updated On: 2015-10-08 12:47:55 देर रात तक जागने वाले बच्चों पर मोटापे का खतरा : रिसर्च

आजकल इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के साथ बच्चों का रातभर बिजी रहना आम बात हो गई है। इसका असर उनकी हेल्थ पर कैसा पड़ता है, इसका खुलासा एक ताजा रिसर्च में हुआ है।

इस रिसर्च के मुताबिक अगर टीनएजर बच्चा रातभर जागता है तो उसे जल्द यह आदत छोडऩे के लिए कहना जरूरी है, क्योंकि पांच सालों के अंदर उसके मोटापे का शिकार होने की आशंका बढ़ सकती है।

रिसर्च के मुताबिक जल्दी सोने वाले बच्चों की तुलना में देर रात तक जागने वाले वयस्क अथवा बच्चों का वजन बढऩे की आशंका ज्यादा होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले में बाल-विशेषज्ञ लॉरेन असरनाउ की अध्यक्षता में यह रिसर्च किया गया।

नतीजे पर पहुंचने के लिए लगभग पांच सालों तक 3,300 से भी ज्यादा टीनएजर और एडल्ट्स को इस रिसर्च में शामिल किया गया। यह रिसर्च स्लीप नाम की मैगजीन में छपी है।

लॉरेन असरनाउ ने बताया कि रिसर्च के दौरान टीन एज से लेकर उनके एडल्ट होने तक उनमें होने वाले शारीरिक परिवर्तन का बारीकी से अध्ययन किया गया। इस दौरान उन्होंने कितने घंटे की नींद ली, ये सारे आंकड़े जुटाए गए। रिसर्च करने वालों ने पाया कि रात के दौरान अगर उन्होंने एक घंटे की नींद नहीं ली तो उनका बॉडी मास इन्डेक्स (बीएमआई) 2.1 प्वॉइंट बढ़ गया। इस तरह पांच साल के अंदर उनका मोटापा बढ़ता गया।

रिसर्च में जो रिजल्ट सामने आए उसके मुताबिक, ज्यादातर टीनएजर रात में नौ घंटे की नॉर्मल नींद भी नहीं लेते हैं। इस वजह से उन्हें स्कूल में जगे रहने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रिसर्च के मुताबिक, वक्त पर सोने वाले टीनएजर जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उन पर मोटापा हावी नहीं होता। उनकी बॉडी शेप में बनी रहती है।

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