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'सॉफ्ट हिंदुत्व' की पिच पर बैटिंग कर रहे केजरीवाल


Updated On: 2020-02-15 06:30:09 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की पिच पर बैटिंग कर रहे केजरीवाल

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने एजेंडे की जीत देख रहा है। द क्विंट में छपी रिपोर्ट यही हवाला देती है। रिपोर्ट कहती है कि इस चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अपने हिंदुत्व पक्ष को उभारा, जिससे संघ खुश दिखाई दिया।

केजरीवाल के चुनाव प्रचार के दौरान कई बातें गौर करने वाली थीं। पहला यह कि वह अपनी चुनावी रैलियों में 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' नारों पर जोर देते हुए दिखाई दिए। चुनावी सभाओं में उन्होंने लोगों को भी ये नारे लगाने के लिए उत्साहित किया। ये वही नारे हैं, जो कि आरएसएस लगाता है और उसकी विचारधारा पर काम करने वाली भाजपा के भी यही मुख्य नारे हैं।

केजरीवाल का धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर नजरिया भी गौर करने वाला रहा। दिल्ली के शाहीन बाग में एनआरसी-सीएए के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को उन्होंने भाजपा की तरह ही समर्थन नहीं दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली की शाहदरा रैली में शाहीन बाग को निशाने पर लेते हुए इसे राष्ट्र के सौहाद्र्र को खंडित करने वाला बताया। वहीं, केजरीवाल ने इससे भी आगे बढ़ते हुए यह तक कह दिया (एनडीटीवी से बातचीत के दौरान) कि हमारे पास पुलिस की पावर होती तो 2 घंटे में शाहीन बाग का रास्ता खुलवा देता।

'बनिया' जाति से संबंधित केजरीवाल का हिंदुत्व पक्ष पहले भी कई बार दिखाई दे चुका है। चाहे बात उनके द्वारा खुद की जाति का जिक्र करने की हो या फिर हिंदू प्रतीक के प्रदर्शन की हो, वह कई बार चर्चा में रह चुके हैं। द क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 के 20 मार्च को अरविंद केजरीवाल एक तस्वीर ट्वीट कर विवादों में घिर गए थे। तस्वीर में हिंदुओं के प्रतीक चिह्न् स्वास्तिक के पीछे एक व्यक्ति झाड़ू ताने हुए दिखता है। इस विवादित ट्वीट के बाद न केवल केजरीवाल की शिकायत हुई थी, बल्कि उन्हें भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी अरविंद केजरीवाल हिंदू प्रतीकों को भुनाते नजर आए। चुनाव के दौरान सॉफ्ट हिंदुत्व की पिच पर बैटिंग कर हनुमान भक्त बन गए। मतदान से पहले कनॉट प्लेस हनुमान मंदिर जाकर दर्शन-पूजन किए तो जीत के बाद भी माथा टेकने पहुंचे।

केजरीवाल ने अपनी जीत का श्रेय भी हनुमान को देते हुए कहा था, ''आज मंगलवार है और हनुमान जी का दिन है। हनुमान जी ने दिल्ली पर कृपा बरसाई है। मैं इसके लिए उन्हें भी धन्यवाद देता हूं। आज मेरी पत्नी का जन्मदिन है। हम प्रार्थना करते हैं कि हनुमान जी हमें सही रास्ता दिखाते रहें, ताकि हम अगले पांच सालों तक लोगों की सेवा करते रहें।''

रिपोर्ट के मुताबिक केजरीवाल की राजनीतिक शैली में महज 11 महीने के भीतर आए इस बदलाव को संघ अपनी जीत मानता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की जीत में भी आरएसएस को अपने एजेंडे की जीत दिख रही है।

आरएसएस के एक वरिष्ठ प्रचारक ने आईएएनएस से कहा कि चुनाव के दौरान मंदिर जाकर केजरीवाल ने कम से कम देश को यह संदेश दे ही दिया कि वह नेता हैं, लेकिन साथ में हिंदू भी और हिंदू पहचान के साथ जीने में शर्म नहीं, सम्मान समझते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक आरएसएस के एक वरिष्ठ प्रचारक ने आईएएनएस से कहा, ''हिंदू संस्कृति को मानने वाले हर व्यक्ति को हम अपना मानते हैं। चाहे वह कांग्रेस का हो या फिर आम आदमी पार्टी का। हम बेशक बीजेपी को हिंदू हितों के साथ खड़ी पार्टी मानते हैं, मगर इसका मतलब यह नहीं कि बीजेपी ही हिंदुत्व की ठेकेदार है। केजरीवाल की राजनीति अच्छी हो या बुरी, मगर उन्होंने हनुमान मंदिर जाकर हिंदू प्रतीकों और संस्कृति का सम्मान किया है।''

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