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ईवीएम से होंगे महाराष्ट्र-हरियाणा विस चुनाव, ऑपिनियन पोल में भाजपा की सरकारें बनने के दावे


Updated On: 2019-09-22 03:15:47 ईवीएम से होंगे महाराष्ट्र-हरियाणा विस चुनाव, ऑपिनियन पोल में भाजपा की सरकारें बनने के दावे

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा में हो रहे विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। इन दोनों राज्यों में 21 अक्टूबर को चुनाव होंगे, जिनके नतीजे 24 अक्टूबर को आ जाएंगे। 

ये चुनाव ईवीएम के जरिये ही होंगे। हालांकि विपक्षी पार्टियां लगातार ईवीएम पर सवाल खड़ी करती रही हैं और इसकी जगह बैलेट पेपर से चुनाव करवाए जाने की मांग कर रही हैं।

बसपा, कांग्रेस, एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस, तृणमूल कांग्रेस, आप, सपा, मनसे आदि विपक्षी पार्टियों के नेता ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कह चुके हैं कि इसमें भाजपा के पक्ष में हेराफेरी की जा रही है। हालांकि भाजपा और चुनाव आयोग इन आरोपों को बेबुनियाद बताते रहे हैं।

चुनाव आयोग ने ईवीएम को विश्वसनीय मानते हुए इसके जरिये ही चुनाव करवाने की बात कही है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा साफ-साफ कह चुके हैं कि बैलेट पेपर अब इतिहास की बात हो चुके हैं। ऐसे मेें साफ है कि महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव ईवीएम से ही होंगे।

विपक्ष के सवालों के बीच महाराष्ट्र और हरियाणा में ईवीएम के जरिये ही चुनाव करवाए जा रहे हैं। इन दोनों राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। वहीं, मीडिया, जिसके बड़े हिस्से को गोदी मीडिया के नाम से भी प्रचारित किया जा रहा है, इन दोनों प्रदेशों में भाजपा की जबरदस्त वापसी की खबरों को प्रमुखता से उठा रहा है।

एबीपी न्यूज-सी वोटर के ऑपीनियन पोल में दावा किया गया है कि 90 विधानसभा सीटों वाले हरियाणा में भाजपा 78 सीटों पर जीत दर्ज करने जा रही है। वह भी तब, जब महंगाई, मंदी, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी के मुद्दे पर खट्टर की अगुवाई वाली भाजपा सरकार घिरती रही है। हालांकि ऑपिनियन पोल में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलता हुआ दिखाया जा रहा है।

इसी तरह की स्थिति महाराष्ट्र को लेकर भी है। कुल 288 विधानसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में भाजपा और उसके सहयोगियों को 205 सीटों पर जीत मिलने का दावा एबीपी न्यूज-सी वोटर के सर्वे में किया गया है। भीमा कोरेगांव, आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर गर्म रहने वाले महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के दौरान पानी, बेरोजगारी, महंगाई को लेकर लोगों में रोष देखनेे को मिलता रहा है। हालांकि इसके उलट ऑपिनियन पोल में यहां भाजपा के पक्ष में लहर दिखाई गई है।

ऑपिनियन पोल के सटीक होने को लेकर आमतौर पर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से ईवीएम से निकलने वाले नतीजे और ऑपिनियन पोल करीब दिखाई दिए हैं।

बसपा की ओर से इसी संबंध में राज्यसभा में पक्ष रखते हुए ईवीएम में छेड़छाड़ और ऑपिनियन पोल के बीच संबंध होने को लेकर उंगली भी उठाई जा चुकी है।

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