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ईवीएम को विश्वसनीय नहीं मानतीं विपक्षी राजनीतिक पार्टियां


Updated On: 2019-07-09 11:37:24 ईवीएम को विश्वसनीय नहीं मानतीं विपक्षी राजनीतिक पार्टियां

ऐसे समय में जब अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस जैसे विकसित देश इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर भरोसा ना करके बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की प्रक्रिया को अपना रहे हैं, तब भारत में यहां के चुनाव आयोग और सत्ताधारी पार्टी द्वारा इसे विश्वसनीय बताया जा रहा है।

पिछले करीब 10 साल से ईवीएम की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में है। देश और राज्यों में होने वाले लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। विपक्षी पार्टियां सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत कर रही हैं।

सबसे पहले बसपा अध्यक्ष मायावती ने ईवीएम के खिलाफ खुलकर सवाल उठाए थे। वह 2014 के लोकसभा, 2017 के विधानसभा, 2018 के निकाय चुनाव में ईवीएम में धांधली के आरोप लगा चुकी हैं। मायावती लगातार चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधते हुए ईवीएम में धांधली के आरोप लगा रही हैं। उनके व उनकी पार्टी के सांसदों द्वारा संसद में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी रखी जा चुकी है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में धांधली के आरोप लगा चुकी हैं। वह ईवीएम के खिलाफ आंदोलन करने की बात भी कह चुकी हैं। उनका भी कहना है कि चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से करवाए जाएं।

इसी तरह तेलुगु देशम पार्टी के नेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी, आप नेता अरविंद केजरीवाल, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती भी ईवीएम पर सवाल खड़े कर चुके हैं।

एनसीपी नेता शरद पवार तो यहां तक आरोप लगा चुके हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान जब वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार को ईवीएम पर वोट डालने गए तो उनका वोट भाजपा के पक्ष में चला गया।

नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला भी ईवीएम को विश्वसनीय नहीं मानते। वह इसे चोर मशीन कह चुके हैं। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल यह आरोप लगा चुके हैं कि साल 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में हेराफेरी के चलते भाजपा की जीत हुई।

अब इसी तरह का आरोप महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराने की मांग की है।
राज ठाकरे ने अपने पत्र में कहा है कि ईवीएम को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे है। ऐसे में चुनाव प्रणाली में फिर से विश्वास बहाली के लिए चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएं।

बहरहाल, चुनाव आयोग ईवीएम को विश्वसनीय मान रहा है और उसका कहना है कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं है।

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