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मिसाइलमैन : कभी अखबार बेचते थे कलाम, आज दुनिया करती है उन्हें सलाम


Updated On: 2019-10-15 04:09:16 मिसाइलमैन : कभी अखबार बेचते थे कलाम, आज दुनिया करती है उन्हें सलाम

इंसान का इरादा दृढ़ हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किलें भी सामने ठहर नहीं पातीं। दुनिया की महान शख्सियतों में शुमार एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन संघर्ष एक मिसाल है। पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था।

पेशे से मछुआरा परिवार से संबंधित कलाम का बचपन गरीबी में बीता। आर्थिक हालात यहां तक खराब रहे कि उन्हें अपनी शिक्षा का खर्च चलाने के लिए अखबार बेचने का काम भी करना पड़ा। यह उनके जज्बे और लगन का ही नतीजा था कि मुश्किल हालात भी उनके सपनों को उड़ान भरने से रोक नहीं पाए।

एपीजे अब्दुल कलाम पायलट बनना चाहते थे, लेकिन किन्हीं कारणों से पायलट नहीं बन पाए। उन्होंने फिर भी हार नहीं मानी। उनका मानना था कि जीवन में यदि आप कुछ पाना चाहते हैं तो आपका बुलंद हौसला ही आपके काम आएगा।

आगे चलकर वह ना सिर्फ प्रसिद्ध वैज्ञानिक बने, बल्कि 2002 देश के सर्वोच्च संवैधानिक राष्ट्रपति पद की भी उन्होंने शोभा बढ़ाई। उन्होंने अंतरिक्ष और रक्षा के क्षेत्र में खास योगदान दिया। भारत को बैलेस्टिक मिसाइल और लॉन्चिंग टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने के कारण ही एपीजे अब्दुल कलाम का नाम मिसाइल मैन पड़ा।

देश की पहली मिसाइल कलाम की देखरेख में ही बनी थी। एपीजे कलाम के नेतृत्व में ही भारत ने 11 मई 1998 को पोखरण में दूसरा परमाणु परीक्षण किया था। इस परीक्षण ने भारत को परमाणु ताकत बनाया था।

कलाम साहित्य में खास रुचि रखते थे। उन्होंने कई किताबें लिखी थीं। उनका निधन 27 जुलाई, 2015 में शिलॉन्ग में लेक्चर देते वक्त दिल का दौरा पडऩे से हुआ था। देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। कलाम के संघर्ष भरे जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उनके विचार आज भी युवा पीढ़ी को आगे बढऩे के लिए प्रेरित करते हैं। आइए उनके विचारों पर एक नजर डालते हैं:-

-सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते।

-चलिए अपना आज कुर्बान करें, ताकि आगे आने वाली पीढ़ी को बेहतर कल मिल सके।

-देश का सबसे अच्छा दिमाग क्लासरूम के आखिरी बेंचों पर मिल सकता है।

-इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।

-सबके जीवन में दुख आते हैं, बस इन दुखों में सबके धैर्य की परीक्षा ली जाती है।

-सपने तभी सच होते हैं, जब हम सपने देखना शुरू करते हैं।

-मुश्किलों के बाद हासिल की हुई सफलता ही असली आनंद देती है।

-जीवन में पहली सफलता के बाद रुकें नहीं, क्योंकि यदि आप दूसरे प्रयास में असफल हो गए, तो लोग यही कहेंगे कि आपकी पहली सफलता भाग्य की वजह से मिली थी।

-सभी चिडिय़ां बारिश में छाया की तलाश करती हैं, परंतु बाज उसकी परवाह नहीं करता, क्योंकि वह बादलों के ऊपर उड़ता है।

-असफलता कभी मुझे पछाड़ नहीं सकती, क्योंकि मेरी सफलता की परिभाषा बहुत मजबूत है।

-जीवन में कठिनाइयां हमे बर्बाद करने के लिए नहीं आती हैं, बल्कि यह हमारे छुपे हुए सामथ्र्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करती हैं।

-जीवन में फेल होते हैं तो कभी हार न मानें, क्योंकि फेल (स्न्रढ्ढरु) मतलब फस्र्ट अटैम्प्ट इन लर्निंग होता है।

-अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो पहले आपको सूरज की तरह तपना होगा।

-आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बीमारी को मारने के लिए सबसे बढिय़ा दवाई है।

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